बीकानेर। उदासर निवासी एक व्यक्ति ने फर्जी स्टाम्प और कूटरचित इकरारनामे के जरिए भूखंड हड़पने का आरोप लगाते हुए कोर्ट की शरण ली है। मामले में एसीजेएम संख्या-2 बीकानेर के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।प्राप्त जानकारी के अनुसार उदासर निवासी श्यामलाल बिश्नोई पुत्र सीताराम बिश्नोई ने कोर्ट में इस्तगासा पेश कर आरोप लगाया कि उसके दो भूखंड एवं मकान, जो उसने बैयनामे के जरिए खरीदे थे, उन्हें हड़पने की नीयत से आरोपियों ने फर्जी इकरारनामा तैयार किया। आरोप है कि इस इकरारनामे में जाली अंगूठा निशानी का इस्तेमाल किया गया तथा वर्ष 2015 के स्टाम्प का उपयोग दर्शाया गया।परिवादी ने बताया कि जब उसने स्टाम्प की सत्यता की जांच करवाई तो उप महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक कार्यालय से जानकारी मिली कि संबंधित क्रम संख्या का कोई स्टाम्प जारी ही नहीं हुआ था। आरोप है कि इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर आरोपियों ने भूखंड को आगे करीब 12 लाख रुपए में बेच दिया।इस्तगासे में उदासर निवासी रामस्वरूप, तिलक नगर निवासी चौखाराम, विराट नगर उदासर निवासी हेतराम, राजेन्द्र प्रसाद धारु (स्टाम्प विक्रेता), नोखा निवासी लिछमा देवी पत्नी हरिकिशन बिश्नोई सहित अन्य अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। परिवादी का आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी इकरारनामे के आधार पर उसके खिलाफ पहले भी जयनारायण व्यास कॉलोनी थाने में मुकदमे दर्ज करवाए थे और खुद को भूखंड का मालिक बताया था।
परिवादी ने बताया कि उसने पहले सदर थाना और बाद में पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट में इस्तगासा दायर किया गया। कोर्ट के आदेश के बाद सदर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच मदनलाल जांगु, सहायक उप निरीक्षक को सौंपी है।





















