बीकानेर। अब गैंगरेप, पॉक्सो और दहेज हत्या जैसे गंभीर मामलों में जांच अधिकारी खुद मौके पर जाकर घटनास्थल का मौका मुआयना करेंगे। खुद जाकर मौका मुआयना करेंगे और सुपरविजन नोट जारी करेंगे ।बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश ने शुक्रवार को रेंज स्तरीय महिला अपराध समीक्षा बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गैंगरेप, पॉक्सो और दहेज हत्या जैसे गंभीर मामलों में जांच अधिकारी न केवल सुपरविजन करेंगे, बल्कि खुद घटना स्थल पर जाकर मौका मुआयना करेंगे और सुपरविजन नोट जारी करेंगे। बैठक में बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों के स्पेशल इन्वेस्टीगेशन यूनिट फॉर क्राइम अगेंस्ट वूमेन (सीकाउ) के प्रभारी शामिल हुए ।इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखविन्द्र पाल सिंह (बीकानेर रेंज), नीलम चौधरी (श्रीगंगानगर), राजकंवर (हनुमानगढ़), सतपाल (चूरू) सहित बीकानेर डीवाईएसपी संजीव चौहान ने मौजूद रहे। आईजी ने ईंट भट्टों पर काम करने वाले बाल मजदूरों की स्थिति पर चिंता जताते हुए नियोक्ताओं के खिलाफ बालश्रम प्रतिषेध अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही करने को कहा है।एससी एसटी और महिला अत्याचार के मामलों में निष्पक्ष और जल्द जांच के निर्देश दिए गए। शहर में महिला सुरक्षा के लिए तैनात कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की कार्यक्षमता बढ़ाने, केस ऑफिसर स्कीम के तहत लिए गए प्रकरणों का न्यायिक निर्णय आने तक लगातार पर्यवेक्षण करने, महिला अत्याचार के गंभीर मामलों का निस्तारण निर्धारित दो माह में करने के निर्देश दिए गए। जांच में देरी होती है, तो संबंधित प्रभारी को अपनी टिप्पणी के साथ फाइल पेंडिंग रखने की अनुमति के लिए एडीजी (सिविल राइट्स) जयपुर से अनुमति लेनी होगी। आईजी ने यह भी साफ किया कि सिकाउ प्रकोष्ठ के कार्मिकों को विशेष परिस्थितियों के अलावा सामान्य कानून व्यवस्था की ड्यूटी में नहीं लगाया जाएगा























