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बीकानेर। आदर्श विद्या मन्दिर उच्च प्राथमिक किशमीदेसर, भीनासर में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर विद्यारम्भ संस्कार एवं हवन कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों एवं भैया-बहिनों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष पंडित जी द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना से की गई। मंत्रोच्चारण के साथ कुल 47 छोटे-छोटे भैया-बहिनों को पहली बार अक्षर लेखन कराया गया, जिसे ‘विद्यारम्भ संस्कार’ कहा जाता है। इस दौरान भैया-बहिनों ने स्लेट पर ‘ॐ’ (ओम्) लिखकर अपने शैक्षिक जीवन की शुभ शुरुआत की। यज्ञ में कुल 47 भैया-बहिन उपस्थित रहे।
हवन कार्यक्रम में विद्यामन्दिर की प्रधानाचार्या दीदी श्रीमती अमिता शर्मा जी, प्रबंध समिति अध्यक्ष श्रीमान शिव कुमार जी सारडा, समिति सेवा प्रमुख डॉ. मनीष जी गहलोत अपनी धर्मपत्नी के साथ, श्रीमती विशु पंवार, दीपक जी गहलोत सहित विद्यामन्दिर की आचार्या दीदियाँ उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में 73 अभिभावकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
नवीन प्रवेश लेने वाले भैया-बहिनों के लिए आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के अंतर्गत उन्हें स्लेट भेंट स्वरूप प्रदान की गई, जिससे शिक्षा के प्रति उनके उत्साह को प्रोत्साहन मिला।
कार्यक्रम का समापन माँ सरस्वती की आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। यह आयोजन शिक्षा के प्रति सम्मान, संस्कार और भारतीय परंपरा का सुंदर उदाहरण बना।
इस योजना के माध्यम से भैया-बहिनों में ऐसे मूल्यों की स्थापना का प्रयास किया जाता है, जिससे शिक्षा केवल ज्ञानार्जन तक सीमित न रहकर जीवन निर्माण करने वाली, हितकारी एवं संस्कारयुक्त विद्या के रूप में विकसित हो सके।
बसंत पंचमी के अवसर पर यह कार्यक्रम एक पारंपरिक, प्रेरणादायक और उत्साहपूर्ण शुरुआत के रूप में यादगार रहा।
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