बीकानेर। राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना सोमवार को बीकानेर दौरे पर रहे। इस दौरान शहर के क्षत्रीय सभा भवन में यूजीसी के कथित काले कानून के विरोध में एक महत्वपूर्ण सभा एवं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में केंद्र सरकार और भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखी आलोचना की गई। साथ ही सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि जब तक यूजीसी कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक भाजपा को किसी भी प्रकार का सहयोग और वोट नहीं दिया जाएगा।
सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि यह कानून विद्यार्थियों, युवाओं और समाज के हितों के खिलाफ है। करणी सेना इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगी और आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता संभाग अध्यक्ष कर्णप्रताप सिंह सिसोदिया ने की। इस अवसर पर करणी सेना के प्रवक्ता प्रदीप सिंह चौहान, राजपाल सिंह भाटी, गिरधारी सिंह भाटी, बिहारी सिंह राठौड़, नरेन्द्र सिंह श्यानी, विक्रम सिंह, जुगल सिंह बेलासर मौजूद रहे।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिकों ने भी सहभागिता निभाई। जिनमें परासर नारायण शर्मा (अध्यक्ष, श्री छन्यती नारायण महासंघ), सोहन लाल उपाध्याय (प्रदेश उपाध्यक्ष, राजस्थान ब्राह्मण महासभा), विनोद गौड़ (संभाग महामंत्री, विप्र सेना), धर्मेंद्र सारस्वत (प्रदेश उपाध्यक्ष, विप्र सेना), रामअवतार (प्रदेश प्रवक्ता, विप्र सेना), हरिगोपाल (संभाग अध्यक्ष, विप्र सेना) प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इसके अलावा राजपाल सिंह भाटी, शायर सिंह भाटी, दौलत सिंह राठौड़, स्वरूप सिंह राठौड़, श्रवण सिंह खारा, हरि सिंह भाटी, जगमाल सिंह पायली, अमर सिंह हाड़ला, बाबू लाल मोहता, कर्नल हेम सिंह शेखावत, बिहारी सिंह राठौड़, रणवीर सिंह नोखड़ा, खुशाल सिंह मेड़तिया (अध्यक्ष, बीकानेर प्रेस क्लब) एवं सुरेंद्र सिंह इंदा सहित अनेक समाजों के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभा के अंत में वक्ताओं ने एकजुट होकर यूजीसी कानून के खिलाफ संघर्ष जारी रखने और समाज को जागरूक करने का आह्वान किया।
























