बीकानेर । मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए जायदाद हड़पने के बारे में परिवादी कानाराम तंवर की जरिए इस्तागासा अग्रिम जांच कराने की याचिका पर पुलिस द्वारा एफआईआर रद्द कर फाइनल रिपोर्ट पेश करने के आदेश उतर दिए और कोटगेट थाना पुलिस को आदेश दिया कि मामले में अग्रिम अनुसंधान करें और अग्रिम अनुसंधान के नतीजे 23 मई 2026 को प्रस्तुत करें। परिवादी कानाराम तंवर की ओर से एडवोकेट लालचंद सुथार ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था जिसमें बताया गया कि कानाराम के दादा मुकनाराम दो भाई थे दूसरे भाई बुधाराम के पौत्र किसन लाल पर आरोप था कि उसने मुकनाराम के हिस्से की 550 वर्गगज जायदाद जो गोगागेट के बाहर खारिया कुंआ पर स्थित थी के फर्जी विक्रय पत्र से 29 मार्च 1941 को बुधाराम को बेचने के कागजात तैयार किया। जबकि मुकनाराम की 11 जनवरी 1941 को ही मृत्यु हो गई थी। परिवादी कानाराम ने मुकनाराम का मृत्यु प्रमाण पत्र और समाधि पर लगे शिललेख जिसमें पौष शुल त्रयोदशी 1997 को मृत्यु अंकित के फोटो दिए। न्यायालय ने दस्तावेजों का संज्ञान लेते हुए पुलिस को अग्रिम अनुसंधान कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए दस्तावेजों की फॉरेन्सिक साइन्स लेबोरट्री एफएसएल से जांच कराने को भी कहा।


























