बीकानेर में पिछले तीन दिनों से राजस्थान SOG की टीम RGHS योजना में कथित घोटाले की जांच में जुटी हुई है। जांच की आंच अब PBM अस्पताल तक पहुंच गई है, जिससे चिकित्सा जगत में हड़कंप मचा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार शहर की एक निजी लैब पर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के नाम पर फर्जी जांच, कागजी बिलिंग और संदिग्ध भुगतान करने के गंभीर आरोप लगे हैं। SOG टीम ने बुधवार को PBM अस्पताल पहुंचकर RGHS से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन जांच की।
जांच के दौरान कुछ बिलों में कार्डियोलॉजी विभाग के चिकित्सकों के हस्ताक्षर और मुहर संदिग्ध पाए जाने की जानकारी सामने आई है। कुछ डॉक्टरों ने इन दस्तावेजों को फर्जी बताते हुए गंभीर आपत्ति जताई है।
प्रारंभिक जांच में लैब से जुड़े बिल, मरीजों की जांच रिपोर्ट और RGHS पोर्टल पर अपलोड दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि लंबे समय से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया जा रहा था।
अब SOG इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं इस पूरे खेल में विभागीय कर्मचारियों, निजी लैब संचालकों और बाहरी लोगों की मिलीभगत तो नहीं थी। फिलहाल प्रशासन या SOG की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।






















