बीकानेर। बढ़ती गर्मी और लू-तापघात की आशंकाओं के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में बीकानेर के खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार जैन और ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक ऋषि कल्ला द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किलचू एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केसर देसर जाटान का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बढ़ती गर्मी और लू के बेहतर प्रबंधन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
हीटवेव प्रबंधन और मौसमी बीमारियों पर सतर्कता
भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए डॉ. सुनील जैन ने चिकित्सा प्रभारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों में कूलर, पंखे, शीतल पेयजल और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता चौबीस घंटे सुनिश्चित रहे। उन्होंने ग्रामवासियों को मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूक करने तथा पूरे सेक्टर क्षेत्र में मच्छरों की रोकथाम के लिए एंटी-लार्वा गतिविधियां प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए ताकि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव किया जा सके।
कम प्रसव संख्या पर जताई नाराजगी, दिए कड़े निर्देश
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केसर देसर जाटान में संस्थागत प्रसव (अस्पताल में होने वाली डिलीवरी) की संख्या कम होने पर खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने प्रसव संख्या बढ़ाने के लिए कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि निकट भविष्य में संभावित प्रसव वाली गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार की जाए। एएनएम और आशा सहयोगिनियों के माध्यम से इन महिलाओं से संपर्क कर उन्हें अस्पताल में ही प्रसव करवाने हेतु प्रेरित किया जाए ताकि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रहें।
टीकाकरण और राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा
बैठक में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण, गैर-संचारी रोग स्क्रीनिंग और नियमित टीकाकरण के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। औचक निरीक्षण के दौरान किलचू प्रभारी डॉ. मोहित सोनी और केसर देसर जाटान प्रभारी डॉ. शिवानी रंगा सहित नर्सिंग अधिकारी, एएनएम और अन्य स्टाफ ड्यूटी पर उपस्थित पाया गया। डॉ. जैन ने सभी को मुख्यालय पर उपस्थित रहकर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए पाबंद किया।






















