बीकानेर में इंदिरा गांधी नहर की करीब एक महीने तक चली नहरबंदी 10 मई को समाप्त हो चुकी है और अब शहर की जलापूर्ति व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है। प्रशासन का कहना है कि अगले एक-दो दिनों में शहरवासियों को नियमित पेयजल सप्लाई मिलने लगेगी। वहीं नहरबंदी खत्म होने के करीब दस दिन बाद अब पानी का मुद्दा एक बार फिर बीकानेर की राजनीति में गर्माने लगा है।
पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने राज्य सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए शोभासर और बीछवाल क्षेत्र में निर्माणाधीन जलाशयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय बीकानेर की बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 119 करोड़ रुपए की महत्वपूर्ण जल परियोजना स्वीकृत की गई थी, लेकिन भाजपा सरकार की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के चलते आज तक यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी।
डॉ. कल्ला का कहना है कि यदि जलाशयों का निर्माण कार्य समय पर पूरा हो जाता तो नहरबंदी के दौरान शहरवासियों को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने निर्माण कार्यों की धीमी गति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार जनता से जुड़े मूलभूत मुद्दों को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परियोजना जल्द पूरी नहीं हुई तो आने वाले समय में बीकानेर को और बड़े जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। कई लोगों का कहना है कि पिछले साल भी नहरबंदी हुई थी और उस समय भी जलाशय निर्माण की रफ्तार धीमी थी। ऐसे में अब नहरबंदी समाप्त होने के बाद इस मुद्दे को उठाना राजनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। कुछ लोग इसे आगामी चुनावों से पहले जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने की कोशिश भी मान रहे हैं। चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि जब पहले ही काम की गति धीमी थी तो उस समय इस मुद्दे को प्रमुखता से क्यों नहीं उठाया गया। अब जबकि शहर में दोबारा पानी की सप्लाई सामान्य होने लगी है, ऐसे समय में इस मुद्दे के उठने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार शोभासर में लगभग 3000 एमएलडी क्षमता का जलाशय बनाया जा रहा है, जबकि बीछवाल क्षेत्र में 2500 एमएलडी क्षमता का नया जलाशय निर्माणाधीन है। इसके अलावा बीकानेर में कुल 8500 एमएलडी क्षमता के जलाशय प्रस्तावित किए गए थे, ताकि भविष्य में जल संकट जैसी स्थिति से निपटा जा सके।























