बीकानेर गौशाला संघ द्वारा आज तुलसी सर्किल पर सात नवंबर को होने वाली संभाग स्तरीय गौशाला संचालकों की विशाल सभा को लेकर प्रेस वार्ता एवं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बीकानेर गोशाला संघ के उपाध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी ने की।
आयोजन समिति के संयोजक जगदीश सिंह राजपुरोहित ने बताया कि सात नवंबर को होने वाली यह विशाल सभा गौशालाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने तथा सरकारी अनदेखी के खिलाफ एक चेतावनी होगी। इस सभा में बीकानेर संभाग सहित कुचामन, डीडवाना और नागौर से लगभग 1500 गौशालाएं भाग लेंगी।
राजपुरोहित ने बताया कि वर्तमान में गौशालाएं पिछले तीन वर्ष से बहुत ज्यादा उत्पीडित हो रही है। सरकार की मंशा सरलता से अनुदान देने की रही होगी, परंतु प्रशासन और गोपालन विभाग गौशालाओं को बहुत ज्यादा तंग कर रहा है। आयोजन समिति के सह समन्वयक मालाराम सारस्वत ने बताया कि पिछले 3 वर्ष से लगातार गौशालाओं को अनुदान समय पर नहीं मिल रहा है, वर्तमान अनुदान जो गौशालाओं को मई जून में मिलना चाहिए था, आज अक्टूबर आ गया, परंतु राजस्थान की बहुत सी गौशालाओं को अभी तक अनुदान नहीं मिला है। आज 11 महा बीत जाने के बाद भी अनुदान नहीं मिलना, यह गौशालाओं के प्रति सरकार की उदासीनता है। एक तरफ तो सरकार गौशालाओं के हित, अनुदान में राशि बढ़ाने की बात करके, आमजन में प्रचार कर रही है। दूसरे तरफ सरकार के ही विभाग गौशालाओं को प्रताडित करने के बहाने ढूंढते रहते हैं, कभी अनुदान के आवेदन के अंदर, कभी बिल वाउचर के अंदर कभी गौशालाओं के सत्यापन के अंदर, इतनी तरह के गौशालाओं को प्रताडि़त करने के बहाने बनाए जा रहे हैं, ताकि गौशालाएं सरलता से अनुदान नहीं ले सके।
प्रेस वार्ता में अपनी बात रखते हुए आयोजन के समन्वयक हनलाल सियाग ने कहा कि आज गौशालाओं को विवश होकर विरोध का रास्ता पकडऩा पड़ा है, हमारे इस विरोध का शंखनाद बीकानेर से होगा, उसके बाद राजस्थान के सातों संभागों में बड़ी सभाओं का आयोजन किया जाएगा और जनवरी के दूसरे सप्ताह में 1 लाख गौशाला संचालक व गो भक्तों के साथ विशाल सभा का आयोजन जयपुर स्तर पर किया जाएगा।
























