भारत माला और नापासर कस्बे में नकली डीजल बना कर लाइव पेट्रोल पंपों के माध्यम से 75 रुपए प्रति लीटर बेचने के बड़े गोरखधंधे का भंडा फोड़ देर रात दो बजे राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने किया है। अब तक के सबसे बड़े घोटाले के रूप में नापासर कस्बे में आबादी क्षेत्र में बनी कथित बायो डीजल की फैक्ट्री में मंत्री ने लाईव फर्जीवाड़ा पकड़ा। भारतमला से जोधपुर से बीकानेर आ रहे मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने चलती फिरती पिक अप को ट्रकों में डीजल भरते देखा और पूछताछ की तो बताया गया कि यह डीजल है और 75 रुपए लीटर बेचते हैं।
मंत्री ने पता लगा कर भरतमाला से ही अपनी गाड़ी नापासर की तरफ मोड दी जयंती बायो डीजल की फैक्ट्री पहुंच गए। केशव विजय नामक व्यक्ति की फैक्ट्री में जा के देखा तो वहां प्लास्टिक के ड्रमों में डेढ़ लाख लीटर के करीब कथित बायो डीजल मिला और पैंतीस पैंतीस हजार लीटर के दो टैंकर भरे खड़े थे। मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने मौके से बताया कि 45 रुपए लीटर का लिक्विड चाहे हाइड्रोकार्बन है, चाहे पेट्रो केमिकल है, चाहे हाइटेंशन कार्बन हो चाहे और कुछ है लेकिन इसको सरेआम डीजल बता कर 75 रुपए लीटर ट्रकों और वाहनों को बेचा जानता है यह प्रशासन की विफलता है और डीएसओ की लापरवाही या मिलीभगत है। नापासर स्थित केशव विजय की इस फैक्ट्री पर छापा मार कर मीणा ने रात के करीब पौने दो बजे बीकानेर के संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर को फोन किया और टीम भेज कर सेंपल लेने और कार्यवाही करने के लिए कहा। जिला कलक्टर ने तुरंत टीम भेजने की बात कही। मंत्री किरोड़ीलाल मीणा की लाईव पूछताछ में फेक्ट्री में खड़े लोगों ने स्वीकार किया कि वो गलत तो कर रहे हैं लेकिन इतना बड़ा गेम नहीं करते, बीकानेर से यहां तक पचास से अधिक गाडिय़ां डीजल बेचती घूमती है। हम तो नाम मात्र हैं, दस बारह हजार लीटर ही बेच पाते हैं, क्या करें यह हमारा बिजनेस है जी करना पड़ता है। मंत्री ने वहां रखी नोट गिनने की मशीन के बारे में पूछा तो फैक्ट्री के लोग कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। वहां पड़े करीब दस बारह लाख रुपए नकद की बारे में पूछा तो फैक्ट्री वाले ने कहा कि हनुमानगढ़ में आज ही प्लॉट बेच कर आए हैं यह उसका पैसा है
मंत्री ने वहां उपस्थित नापासर पुलिस के थानेदार को नगद रकम जब्त करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने फैक्ट्री संचालक को पूछा कि जो ट्रक लुधियाना, झज्जर या अन्य स्थानों पर जाने थे वो आपकी फैक्ट्री में आ के क्यों खड़े हुए और यहां क्यों लिक्विड डीजल खाली किया? इसका कोई जवाब नहीं दिया गया।
मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने वहां उपस्थित फैक्ट्री संचालक से पूछा कि आखिर आप ऐसा क्यों करते हो? तब उसने बताया कि साहब ये तो हमारा बिजना है, हम तो छोटे पैमाने पर काम कर रहे हैं बड़े लेवल पर काम करने वाले बहुत लोग हैं। यहां आपको कम से कम सैंकड़ों लोग ऐसे मिल जाएंगे मंत्री ने बताया कि ये नकली डीजल वाहनों में प्रयोग किए जाने से वाहन खराब होते हैं।मंत्री ने कहा कि डीएसओ प्रभावी कार्यवाही नहीं करते इसलिए इनके हौंसले बढ़े हुए हैं। लाइव कार्यवाही के दौरान मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि हो सकता है कि ये लोग ऊपर मिल के छूट जाते होंगे लेकिन यह है बहुत गलत कार्य। मंत्र ने पूछा कि आप लोग आखिर फलत काम क्यों करते हो।
























