बीकानेर। राजस्थान का बजट बुधवार को जारी कर दिया गया है। इसमें प्रदेश स्तर पर सरकार की ओर से काफी घोषणा भी की गई। लेकिन जानकारों के अनुसार जो उम्मीद थी उस तरह का बजट इस बार सामने नहीं आया है। बजट में बीकानेर के लिए कई घोषणाएं की गई है। करीब 2 घंटे 54 मिनट के बजट भाषण में दीया कुमारी ने सरकारी कर्मचारियों, किसानों के साथ हेल्थ सेक्टर, पेयजल, ट्रांसपोर्ट सेक्टर में कई घोषणाएं कीं। इन्हीं घोषणाओं में बीकानेर के लिए पानी, बिजली, इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ सेक्टर को लेकर घोषणाएं की गई। इसमें बीकानेर के देशनोक के लिए 750 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज प्रस्तावित किया गया है। इस राशि से देशनोक में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना है। इसी के साथ बीकानेर में नए सोलर पार्क भी स्थापित किए जाएंगे। पश्चिमी राजस्थान में बनने वाले थार सांस्कृतिक सर्किट में भी बीकानेर को शामिल किया गया है। सबसे बड़ी घोषणा देशनोक के लिए है। 24 घंटे पानी देने की जलदाय विभाग की योजना पर लंबे समय से काम हो रहा है। बजट में प्रस्ताव आने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत की उम्मीद है।
लूणकरणसर को सबसे ज्यादा तो पश्चिम को कम
वहीं विधानसभा के हिसाब से बात करें तो बजट में सबसे ज्यादा सौगातें केबिनेट मंत्री सुमित गोदारा के लूणकरणसर विधानसभा क्षेत्र को दी गई है। यहां पर आरयूबी, औद्योगिक पार्क जैसी बड़ी सौगाते दी गई है। वहीं भाजपा के ही विधायक जेठानंद व्यास के बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में कम घोषणा ने सब को चौंका दिया। उम्मीद की जा रही थी की पश्चिम विधानसभा के लिए बड़ी घोषणा हो सकती है। लेकिन लक्ष्मीनाथ मंदिर के पास पुलिया निर्माण के लिए महज ढाई करोड़ का ही बजट मिल सका। वहीं सिद्धि कुमारी के बीकानेर पूर्व क्षेत्र में सड़कों सहित कई सौगात दी गई है। वहीं कांग्रेस विधायक सुशीला डूडी के क्षेत्र नोखा विधानसभा में सब्जी मंडी जैसी बड़ी सौगात मिली है।
शांत रहने वाली सिद्धि कुमारी को अधिक बजट, और एक्टिव रहने वाले विधायक व्यस के क्षेत्र में कम
बीकानेर पूर्व की विधायक सिद्धि कुमारी को कार्यक्रमों में कम ही देखा जाता है। इतना ही नहीं विधानसभा सत्र के दौरान भी वह कम ही नजर आती है। विधानसभा में सवाल पूछते हुए भी उनको कम ही देखा गया है। इसके बावजूद उनके बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के लिए 5 करोड़ का बजट दिया गया है। इसके अलावा 132 केवी जीएसएस, साइबर फोरेंसिक लैब जैसी बड़ी सौगात मिली है। वहीं सक्रीय रहने वाले विधायक जेठानंद व्यास के क्षेत्र में बजट में महज एक ही सौगात मिली है। जबकि सबसे ज्यादा आवश्यकता इसी क्षेत्र में है। सवाल ये ही उठता है की क्या विधायक ने अपने क्षेत्र के लिए कुछ मांगा नहीं या फिर मिला ही नहीं।
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