बीकानेर। स्कूली बच्चों के ड्रेस को लेकर बड़ी खबर सामने आयी है। केन्द्र सरकार के प्रस्ताव को अब राजस्थान में भी अनुमति मिल गयी है। ऐसे में अब जल्द ही स्कूली बच्चे सप्ताह में एक दिन अपनी स्थानीय वेशभूषा पहनकर स्कूल जा सकेंगे। मंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, भारत सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, नई दिल्ली ने सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार को यह प्रस्ताव भेजा था। इसमें सुझाव दिया गया है कि सभी सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी तथा स्टाफ सप्ताह में एक दिन स्थानीय वेशभूषा (गहनों/आभूषणों को छोड़कर) पहनकर आएं। केंद्र सरकार का मानना है कि यह पहल राज्य की लोक संस्कृति और पारंपरिक परंपराओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
भारत सरकार ने अपने पत्र में यह भी अनुशंसा की है कि स्कूल एवं विश्वविद्यालयों की वर्दी में सप्ताह में एक बार हथकरघा वस्त्रों को शामिल कर भारत की समृद्ध वस्त्र विरासत से गहरा संबंध स्थापित किया जाए। इसके लिए राज्य सरकार को प्रोत्साहन और समर्थन देने को कहा गया है। मदन दिलावर ने केंद्र सरकार के इस सुझाव का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक पहल बताया और शिक्षा विभाग को जल्द प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।























