
बीकानेर। वार्ड नंबर 43 के नत्थूसर बास में नाली निर्माण कार्य की लापरवाही को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे समय तक नाली पर कोई काम नहीं हुआ, और जब शिकायतों के बाद आखिरकार काम शुरू किया गया, तब भी घटिया मटेरियल का उपयोग किया गया। निर्माण के दौरान निकला मलबा 8–10 दिन बीत जाने के बाद भी सड़क पर फैला पड़ा है।
स्थानीय निवासी गिरधारी सांखला ने बताया कि सड़क पर पड़े मलबे के कारण राहगीर लगातार फिसल कर गिर रहे हैं। मोहल्ले में शादी समारोह और बारातों का आना-जाना होने से स्थिति और खराब हो गई है। कई मार्ग बंद पड़े हैं और लोगों को मजबूरी में दूसरे रास्तों से निकलना पड़ रहा है।
ठेकेदार गणेश आचार्य पर लापरवाही का आरोप
गिरधारी सांखला ने बताया कि ठेकेदार गणेश आचार्य को कई बार मलबा हटाने के लिए अवगत करवाया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा, “मेरे घर के आगे भी नाली का मलबा जस का तस पड़ा है। ठेकेदार की लापरवाही से पूरा इलाका अव्यवस्थित हो गया है।”
काम शुरू होते ही नेता बने ‘फोटो मॉडल’, अब जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा
स्थानीय लोगों ने बताया कि जैसे ही नाली पर काम शुरू हुआ, वार्ड के आगामी चुनाव में तैयारी कर रहे कुछ युवा नेता मौके पर पहुंचे—लेकिन सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए। सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर यह दावा भी किया कि यह काम उनके प्रयासों से शुरू हुआ है।
लेकिन जब इन्हीं नेताओं को मलबा हटवाने के लिए फोन किया गया, तो उन्होंने साफ कहा—“यह हमारा काम नहीं है।” इससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि ऐसे नेता सिर्फ दिखावे की नेतागिरी करते हैं और असली जिम्मेदारी आने पर पूरी तरह गायब हो जाते हैं।
लोगों की मांग — मलबा तुरंत हटे, ठेकेदार पर कार्रवाई हो
निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नाली निर्माण के बाद पड़ा मलबा तुरंत हटवाया जाए और ठेकेदार गणेश आचार्य की लापरवाही पर कार्रवाई की जाए। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से विरोध दर्ज करवाने को मजबूर होंगे।
























