बीकानेर। बीकानेर मुख्य बाजार में सोमवार को वाहन पार्किंग को लेकर नगर निगम की टीम, पुलिस प्रशासन और व्यापारी आमने-सामने हो गए। दरअसल, नगर निगम की टीम द्वारा एक उठाई गई स्कूटी को लेकर बात शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते बड़ा रूप ले लिया। बड़ी संख्या में दुकानदार इक_ा हो गए, जिन्होंने नगर निगम व यातायात पुलिस की संयुक्त कार्रवाई का विरोध किया। व्यापारियों का कहना था कि इस प्रकार की कार्यवाही से ग्राहक और व्यापारी दोनों परेशान होते है। जबकि बाजार में जगह-जगह अतिक्रमण हो रखा है, जगह-जगह ठेले वाले कब्जा जमाए हुए बैठे है, उन पर कार्यवाही नहीं होती। व्यापारियों का तर्क था कि वाहनों की बजाग अधिक परेशानी अतिक्रमण के कारण हो रही है, जिस ध्यान नहीं दिया जा, उल्टा सामान लेने के लिए पहुंच ग्राहकों को परेशान किया जा रहा है।
सुरक्षित व निश्चित पार्किंग बनाने की मांग
व्यापारियों ने कार्यवाही का विरोध करते हुए बताया कि बाजार में एक भी सुरक्षित व निश्चित पार्किंग स्थान नहीं बना रखा, जहां ग्राहक व व्यापारी अपना वाहन खड़ा कर सके। रतन बिहारी पार्क में आए दिन दुपहिया वाहन चोरी की घटनाएं होती, ऐसे में किसके भरोसे वाहन को खड़ा करे। व्यापारियों की मांग थी कि सुरक्षित और निश्चित पार्किंग बनाई जाए, ताकि सभी को यह पता रहे कि वाहन को कहां पार्क करना है।
हालांकि कुछ व्यापारियों का मानना था कि ग्राहकों के वाहनों को उठाया नहीं जाए, क्योंकि इससे व्यापार खराब होता है, लेकिन व्यापारियों की यह बात यातायात व्यवस्था को बनाए रखने में बिल्कुल भी सही नहीं है, क्योंकि जब सड़क पर वाहन पार्क कर दिए जाएंगे तो व्यवस्था बिगडना स्वभाविक है। मुद्दा यह होना चाहिए कि वाहन को पार्क करने के लिए प्रशासन सुरक्षित व उचित स्थान हमेशा के लिए तय करें, ताकि कोई भी व्यक्ति अपना वाहन निश्चिंत होकर खड़ा कर सके और वापिस लौटने पर उसे वहां अपना वाहन खड़ा मिले।
बीकानेर के भुजिया विदेशों तक पहुंच जाते है, लेकिन मुद्दे दिल्ली तक नहीं पहुंच पाते
व्यापारियों ने कहा कि पिछले कुछ सालों बाजार की व्यवस्था बिल्कुल बिगड़ी हुई है, जिससे ग्राहक और दुकानदार दोनों परेशान है। बाजारों की सड़के टूटी-फूटी पड़ी है, जगह-जगह अतिक्रमण हो रखा है, जिन को लेकर कोई बात नहीं होती। बीकानेर के भुजिया विदेशों तक पहुंच सकते है, लेकिन यहां के मुद्दे दिल्ली तक नहीं पहुंच पाते।
लाइन के बाहर खड़े वाहनों पर होती है कार्रवाई
वहीं यातायात विभाग के सीओ किशन सिंह राठौड़ का कहना है कि बाजार में वाहन पार्क के लिए एक लाइन बना रखी है, जिसमें यह तय कर रखा है कि उस लाइन से बाहर खड़े वाहनों पर कार्रवाई होती है और यह कार्रवाई यातायात विभाग द्वारा नहीं की जाती, बल्कि नगर निगम द्वारा की जाती है। उसकी रसीद यातायात पुलिस द्वारा नगर निगम के नाम से काटी जाती है, जिसका राजस्व भी नगर निगम में जाता है। ऐसे में इस कार्रवाई में यातायात विभाग का कोई रोल नहीं है। यातायात पुलिस केवल यातायात व्यवस्था को सुनिश्चित करने का काम करता है। सुरक्षित वाहन पार्किंग का जिम्मा संबंधित थाना पुलिस का है।
























