बीकानेर। कोलायत क्षेत्र में अनधिकृत मीट-मांस कारोबार के बढ़ते जाल ने ग्रामीणों का सब्र तोड़ दिया है। हांडला मार्ग, झझु रोड और पंचायत समिति क्षेत्र के आस-पास बिना अनुमति चल रही दुकानों ने स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य जोखिम और गंदगी जैसी दोहरी समस्या में डाल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई दुकानों पर न तो स्वच्छता का ध्यान रखा जा रहा है और न ही किसी प्रकार का लाइसेंस प्रदर्शित किया जाता है। खुले में मांस कटने से आसपास का माहौल दूषित हो रहा है और परिवार दुर्गंध व अस्वच्छता से परेशान हैं।
मांस की बिक्री, धार्मिक आस्था को ठेस
ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता है कि पवित्र कपिल सरोवर सहित अन्य देवस्थलों के आसपास भी कई बार मांस बिक्री होती देखी गई है, जबकि कानूनन धार्मिक स्थलों की सीमा के भीतर ऐसे व्यवसायों पर स्पष्ट रोक है। लोगों का कहना है कि पवित्र स्थानों की गरिमा बनाए रखने हेतु कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन प्रभावी कार्रवाई अब तक नहीं हुई।
शिकायतें फाइलों में दबी, कार्रवाई का इंतजार
ग्रामीणों ने बताया कि सामाजिक संस्थाओं ने कई बार शिकायत पत्र सौंपे, मगर न तो छापेमारी हुई और न ही किसी दुकान पर रोक। देर रात तक कुछ दुकानों पर अवैध कटाई का सिलसिला चलता है, जिससे सड़क पर कचरा फैलता है और बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण प्रशासन के ढीले रवैये को ही समस्या बढने का सबसे बड़ा कारण मान रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध दुकानों पर पाबंदी नहीं लगाई गई, तो वे सामूहिक धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा की रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाना जरूरी हो चुका है।
क्या कहते हैं अधिकारी
अवैध दुकानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को पूर्व में पत्र भेजा जा चुका है। नियम अनुसार आगे प्रक्रिया चल रही है।- पूनम कंवर, तहसीलदार
पूरे मामले की जांच की जा रही है। अवैध गतिविधियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जसवीर सिंह, एसएचओ कोलायत
ग्राम पंचायत ने किसी भी मांस दुकान को अनुमति नहीं दी। बिना लाइसेंस चल रही दुकानों पर कार्रवाई होना आवश्यक है।- बजरंग पंवार, सरपंच प्रतिनिधि
मंदिरों के पास मांस बिक्री धार्मिक भावनाओं पर चोट है। इस पर तुरंत रोक लगानी चाहिए।-दिलीप सिंह राजपुरोहित, सामाजिक कार्यकर्ता
























