बीकानेर। पंजाब में करीब 16 किमी अधूरी राजस्थान की मरम्मत 21 मार्च से शुरू होगी। इसके लिए पंजाब राजस्थान कैनाल में 60 दिन की नहरबंदी 21 मार्च से लेगा जो 20 मई तक चलेगी। फिर भी 21 मार्च से 20 अप्रैल तक पीने लायक करीब 2000 क्यूसेक पानी मिलता रहेगा। 21 अप्रैल से नहर में पूरी तरह पानी बंद हो जाएगा और एक महीने तक जमा पानी से ही काम चलाना होगा। राहत ये है कि बीछवाल में दूसरा जलाशय तैयार है और उसमें पानी भरकर बीछवाल से जुड़े इलाके में पेयजल कटौती नहीं करनी होगी। दरअसल 2019 में केन्द्र,पंजाब और राजस्थान सरकार के बीच जो पंजाब सीमा में आने वाली राजस्थान कैनाल की मरम्मत के लिए जो एमओयू हुआ था वो पंजाब को 2022 में पूरा करना था मगर 2026 में भी नहरबंदी की लेकर मरम्मत का काम चल रहा है। उसकी वजह है कि 2019 में एमओयू होने के बाद 2020 में जो काम होना था वो कोरोना के कारण नहीं हो पाया। 2021 में काम की शुरूआत हुई।
3 साल में खत्म करना था काम मगर रफ्तार धीमी होने के कारण वो 2023 में भी खत्म नहीं हो पाया। 2024 में चला और 2025 में काम पूरा होने वाला था मगर पिछले साल भारत-पाक के बीच गरमागरमी के माहौल के कारण नहरबंदी तो ली, मगर 10 दिन बाद खत्म कर दिया क्योंकि पंजाब पिछले साल काम करने की स्थिति में नहीं था। इसलिए माना जा रहा है कि इस साल 60 दिन की नहरबंदी लास्ट है। अगर पंजाब में बची 16 किमी नहर की मरम्मत हो गई तो अगले साल से सिर्फ 15 दिन की मेंटीनेंस के लिए नहरबंदी होगी। ^ 21 मार्च से नहरबंदी प्रस्तावित है। ऐसा पंजाब से इनपुट मिला है। बाकी आगे निर्णय लिया जाएगा। विवेक गोयल, चीफ इंजीनियर, आईजीएनपी























