भीनासर। एकादशी के पावन अवसर पर भैरूनाथ मंदिर, किश्मीदेसर से प्रातः 5:30 बजे भव्य प्रभात फेरी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ प्रारंभ होकर मुरली मनोहर धोरा, भीनासर पहुँची। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन एवं “नारायण-नारायण” के जयघोष से संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
इस अवसर पर संत प्रवचन में श्री श्याम सुंदर जी महाराज ने कहा कि “भगवान का नाम लेने से सारी दिशाएँ शुद्ध हो जाती हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि नाम-स्मरण से मन, विचार एवं वातावरण पवित्र होते हैं तथा जीवन की दिशा मंगलमय बनती है।
वहीं श्री किशन जी महाराज ने भगवान के नाम-जप की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि कलियुग में नाम-स्मरण ही सबसे सरल एवं प्रभावी साधन है, जिससे चित्त-शुद्धि, आत्मबल एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
प्रभात फेरी के संरक्षक झंवर टाक ने बताया कि ऐसी धार्मिक यात्राएँ समाज में एकता, अनुशासन एवं आध्यात्मिक जागरण को सुदृढ़ करती हैं।
प्रभात फेरी के अग्रसर ओम प्रकाश गहलोत के नेतृत्व में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2013 में उन्होंने लगातार तीन वर्षों तक प्रभात फेरी का सफल संचालन कर धार्मिक जागरण का अभियान चलाया था।
कार्यकर्ताओं में घेवरचंद टाक ने बताया कि ब्रह्ममुहूर्त में किया गया नाम-जप एवं पदयात्रा शास्त्रों में अत्यंत फलदायी मानी गई है।
गोरधन गहलोत ने अपने विशिष्ट अंदाज में कीर्तन कर श्रद्धालुओं में भक्ति-भाव का संचार किया।
मुरली गहलोत निरंतर लोगों को प्रभात फेरी में जुड़ने के लिए प्रेरित करते रहे।
झूमरमल गहलोत ने प्रभात फेरी के स्वास्थ्य, मानसिक शांति एवं सामाजिक एकता संबंधी लाभों पर प्रकाश डाला।
सुमेर भाटी ने कहा कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा, ताकि बच्चों को सनातन धर्म एवं संस्कारों की सतत जानकारी मिलती रहे।
जेशराज गहलोत ने बताया कि प्रत्येक एकादशी पर श्रद्धालु मुरली मनोहर मंदिर, भीनासर जाकर कीर्तन एवं प्रभु-दर्शन करते हैं, जिससे संपूर्ण गलियाँ भगवान के नाम से पवित्र हो जाती हैं।
प्रभात फेरी में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा एवं बालकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। अंत में धर्म, समाज एवं राष्ट्र की उन्नति की कामना के साथ सामूहिक रूप से “नारायण-नारायण” का जयघोष किया गया।

























