बीकानेर सहित उत्तर-पश्चिम राजस्थान के लिए राहत भरी खबर है। नहरबंदी अब पहले तय कार्यक्रम से 10 दिन आगे बढ़ेगी। पहले यह 21 मार्च से प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे 31 मार्च से लागू किया जाएगा। इस संबंध में राजस्थान ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर जानकारी दी है। इसी संबंध में आज इंदिरा गांधी नहर मुख्यालय पर बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर और चूरू सहित उन सभी 14 जिलों के जलदाय विभाग अधिकारियों की मीटिंग होगी, जहां नहर से पीने का पानी दिया जाता है। नहरबंदी आगे बढ़ने से इस दौरान 7 से 8 हजार क्यूसेक पानी मिलने की संभावना है, जिससे क्षेत्र के डिग्गियों और जलाशयों में पर्याप्त पानी संग्रहित किया जा सकेगा।
इससे गर्मी के मौसम में पेयजल संकट को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। सूत्रों के अनुसार 15 मार्च तक भाखड़ा सिस्टम में फ्लशिंग का कार्य पूरा हो जाएगा, जिसके बाद कुछ दिनों तक अतिरिक्त पानी उपलब्ध रहेगा। इसी को देखते हुए नहरबंदी की तारीख आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान मिलने वाले पानी से करीब 8000 क्यूसेक तक पानी नहरों में छोड़ा जा सकता है, जिससे राजस्थान के कई जिलों में जलाशयों को भरने का मौका मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो 31 मार्च से नहरबंदी लागू की जाएगी। इसके बाद मरम्मत और रखरखाव कार्यों के लिए कुछ समय तक नहरों में पानी की आपूर्ति बंद रहेगी। जलदाय विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारी फिलहाल अधिक से अधिक पानी संग्रहित करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, ताकि गर्मियों में लोगों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
























