बीकानेर, 12 मई 2026 सोने की लगातार बढ़ती कीमतों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोने का आयात कम करने की अपील का असर अब बीकानेर के सर्राफा बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। सालाना करीब 15 हजार करोड़ रुपये का कारोबार करने वाले बीकानेर सर्राफा बाजार में इन दिनों भारी सुस्ती छाई हुई है। हालात ऐसे हैं कि शादी-विवाह के सीजन में भी कई शोरूम खाली नजर आ रहे हैं और नई ज्वेलरी बुकिंग घटकर महज 10 प्रतिशत तक सिमट गई है।
बीकानेर के तेलीवाड़ा, सिटी कोतवाली, केईएम रोड और बड़ा बाजार स्थित सर्राफा बाजारों में सोमवार को ग्राहकों की संख्या बेहद कम देखने को मिली। कारोबारियों के अनुसार सामान्य दिनों में जहां रोजाना करीब 40 करोड़ रुपये का कारोबार होता था, वहीं अब बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। बाजार में रोजाना लगभग 20 किलो सोना, हीरे और पोलकी ज्वेलरी का कारोबार होता है, लेकिन मौजूदा हालात में नए ऑर्डर लगभग रुक गए हैं।
सोमवार शाम तक सोने का जीएसटी सहित भाव 1 लाख 55 हजार 955 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। दिन के दौरान यह कीमत 1 लाख 56 हजार 585 रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक भी पहुंची। वहीं बीकानेर सर्राफा बाजार में सोना बिठुर 1 लाख 52 हजार 500 रुपये और जेवराती सोना 1 लाख 43 हजार 200 रुपये प्रति 10 ग्राम के हिसाब से बिका।
कारोबारियों का कहना है कि महंगे सोने के कारण अब केवल जरूरी खरीदारी ही हो रही है। शादी-विवाह वाले परिवार भी सीमित मात्रा में आभूषण खरीद रहे हैं। कई लोग पुराने गहनों को एक्सचेंज कर नए आभूषण बनवा रहे हैं, जबकि नई खरीदारी में लगातार गिरावट आ रही है।
बीकानेर केवल स्थानीय बाजार नहीं बल्कि देश-विदेश में कुंदन, मीना और पारंपरिक गढ़ाई वाली ज्वेलरी सप्लाई करने वाला बड़ा केंद्र माना जाता है। यहां बंगाल समेत कई राज्यों से आए करीब 10 से 15 हजार कारीगर कार्यरत हैं। लेकिन बाजार में मंदी आने से इन कारीगरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। कई कारीगरों को पूरे दिन बिना काम के बैठना पड़ रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
इस मंदी का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। ज्वेलरी सेक्टर से जुड़ी कई कंपनियों के शेयरों में 6 से 10 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे उद्योग जगत की चिंता और बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की सोना आयात कम करने की अपील देश की विदेशी मुद्रा बचाने की रणनीति का हिस्सा है। भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातकों में शामिल है और लगातार बढ़ते आयात से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है। वहीं मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण सोने की सप्लाई चेन और आयात लागत पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ज्वेलर्स विशेषज्ञों के अनुसार यदि अगले कुछ महीनों तक यही स्थिति बनी रही तो सोने की मांग में और गिरावट आ सकती है तथा कीमतों में कुछ स्थिरता या हल्की कमी देखने को मिल सकती है। हालांकि इसका सबसे बड़ा असर छोटे व्यापारियों और कारीगरों पर पड़ेगा।
ज्वेलर्स एसोसिएशन बीकानेर के अध्यक्ष शिव कुमार सोनी ने कहा कि पीएम की अपील का असर यहां के हजारों व्यापारियों और कारीगरों पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस सेक्टर के लिए संतुलित नीति बनाने की मांग की है ताकि स्थानीय कारोबार और रोजगार प्रभावित न हो।
बीकानेर सर्राफा बाजार का गणित
- सालाना कारोबार : करीब 15 हजार करोड़ रुपये
- रोजाना कारोबार : लगभग 40 करोड़ रुपये
- मासिक कारोबार : करीब 1200 करोड़ रुपये
- रोजाना सोने व ज्वेलरी की खपत : लगभग 20 किलो
- प्रभावित कारीगर : 10 से 15 हजार
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