बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में प्रसूता शारदा की मौत के बाद पिछले चार दिनों से चल रहे धरने का गुरुवार को समाधान निकल गया। धरनार्थियों, परिजनों और प्रशासन के बीच हुई वार्ता में विभिन्न मांगों पर सहमति बनने के बाद परिजन और संघर्ष समिति के सदस्य पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार हो गए।कांग्रेस नेता भंवरलाल कूकणा ने बताया कि वार्ता के दौरान जन सहयोग से मृतका के परिवार को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से करीब 50 लाख रुपए का मुआवजा दिलाने पर सहमति बनी। इसके अलावा मृतका के पति को संविदा पर नौकरी देने तथा उपचार में लापरवाही के मामले में एफआईआर दर्ज करने का भी निर्णय लिया गया।सभी मांगों पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त करने और पोस्टमार्टम कराने पर परिजनों एवं संघर्ष समिति ने सहमति जताई। पिछले चार दिनों से चल रहे इस आंदोलन के दौरान पीबीएम अस्पताल परिसर में लगातार धरना जारी था और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई व पीडि़त परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की जा रही थी।वार्ता में प्रशासन की ओर से कोलायत एसडीएम राजेश नायक, एसीएम रणजीत बिजारणिया तथा महाजन थानाधिकारी भजनलाल मौजूद रहे। वहीं संघर्ष समिति की ओर से कांग्रेस नेता भंवरलाल कूकणा, सीताराम नायक सहित मृतका के परिजन शामिल हुए।भंवरलाल कूकणा ने बताया कि प्रशासन द्वारा सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद मृतक शारदा को न्याय दिलाने के बाद आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया और अब पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। देहात अध्यक्ष बिश्नाराम ने बताया कि कांग्रेस पीबीएम में फैली अव्यवस्थाओं व अन्य मांगों को लेकर चल रहा धरना निरंतर जारी रहेगा।
वार्ता के प्रमुख बिंदु
धरने के चौथे दिन प्रशासन और धरनार्थियों के बीच बनी सहमति।
जन सहयोग से 25 लाख रुपए की सहायता राशि देने पर सहमति।
विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सरकार की ओर से 50 लाख रुपए के मुआवजे की बात।
मृतका के पति को संविदा पर नौकरी देने का निर्णय।
इलाज में लापरवाही के मामले में एफआईआर दर्ज करने पर सहमति।
सहमति के बाद परिजन और संघर्ष समिति पोस्टमार्टम के लिए हुए तैयार।





















