बीकानेर। श्रीकोलायत में अवैध रूप से बजरी खनन करने वालों पर प्रशासन की सख्ती अब नजर आ रही है। रेवेन्यू और माइन्स डिपार्टमेंट ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बजरी का अवैध खनन करने वालों पर सोलह करोड़ 85 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। उधर, रॉयल्टी वसूली में मनमर्जी के चलते बजरी न सिर्फ महंगी हो गई है, बल्कि बाजार में आसानी से उपलब्ध भी नहीं हो रही। खनिज अभियंता महेश प्रकाश पुरोहित ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर अवैध खनन, परिवहन, भंडारण की आकस्मिक चेकिंग की जा रही है। बुधवार को कोलायत तहसील के हाडला भाटियान क्षेत्र में खातेदारी भूमि में बजरी के अवैध खनन की जानकारी मिली थी। इस पर खनिज विभाग के तकनीकी कर्मचारी रमेश गहलोत, खनि कार्यदेशक संतोष डूडी व हल्का पटवारी हाडला भाटियान वीरेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से संबंधित क्षेत्र का आकस्मिक निरीक्षण किया।
मौके पर हल्का पटवारी ने बताया कि उक्त भूमि खातेदारी है, जिसके खातेदार जगमाल सिंह, छैलूसिंह व नारायणी कंवर है। इस जमीन में खनिज विभाग की ओर से खनन को लेकर कोई स्वीकृति जारी नहीं की गई है। लिहाजा बजरी खनन को अवैध मानते हुए उक्त खातेदारों के खिलाफ 2 लाख 80 हजार 8 सौ टन खनिज बजरी का मौका पंचनामा बनाया गया और 16.85 करोड़ की पेनल्टी लगाई गई। पुरोहित ने बताया कि विभाग द्वारा आगे भी अवैध खनन कर्ताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी।
एक खेत पर कार्रवाई, ऐसे अनेक खेत
माइन्स और रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने एक ही खेत में कार्रवाई करके 16 करोड़ 85 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है, जबकि हकीकत में अकेले कोलायत में ऐसे दर्जनों खेत है। जहां से अवैध खनन किया जा रहा है। पिछले कई सालों से इन खेतों में अवैध रूप से बजरी का खनन किया जा रहा है।

























