बीकानेर, बीकानेर के जस्सूसर गेट क्षेत्र में बने जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में शुक्रवार की एंटीबायोटिक इंजेक्शन सीफोटेक्सिम लगाने के बाद छह बच्चों के तबीयत बिगड़ गई थी। बच्चों के कंपकपी छूटने लगी और उल्टी होने लगी। शरीर अकड़ने लगा। परिजन
घबरा गए और शोर मचाने लगे। उस वक्त ड्यूटी पर नर्सिंग ऑफिसर मुन्नी देवी और गोपाल मौजूद थे। दोनों ही डर कर भाग गए। एक बच्चे की हालत ज्यादा खराब होने पर उसे पीबीएम
रैफर कर दिया गया था। अब सभी बच्चों की स्थिति ठीक बताई जा रही है। अधीक्षक डॉ. सुनील हर्ष ने बताया कि प्रारंभिक जांच में इंजेक्शन लगाने में गलती सामने आई है। क्योंकि एंटीबायोटिक इंजेक्शन सीफोटेक्सिम इन बच्चों को दो दिन से लगाए जा रहे थे। बाकायदा टेस्ट करके बच्चों को लगाया गया था। चौथी डोज दस बच्चों के लगी है, जिसमें से छह के दिक्कत हो गई। ऐसा माना जा रहा है कि इंजेक्शन को तेज पुश किया गया था, जबकि इसे धीमे लगाना चाहिए। रेट कांट्रैक्ट के जरिए एक दवा सप्लायर से दवाओं की लोकल खरीद की जाती है। सीफोटेक्सिम खत्म होने पर मंगवाए गए थे, जो दो दिन पहले ही आए हैं। इसके बैच की रिपोर्ट हमारे पास है, जिसमें बैच को पास किया हुआ है। डॉ. हर्ष का कहना है कि एंटीबायोटिक से कई बार एलर्जी के लक्षण सामने
आते हैं। हालांकि कमेटी से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है। दोनों नर्सिंग ऑफिसरों को भी बुलाया गया है। सोमवार को उनके बयान लिए जाएंगे।

























