बीकानेर : पीबीएम नर्सिंग ऑफिसर्स से जुड़ा विवाद मामला अब तूल पकड़ चुका है। यूटीबी व स्थाई नर्सिंग अपनी-अपनी बात रखते हुए घटनाक्रम का विरोध जता रहे हैं और कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। वहीं, नर्सिंग एसोसिएशन अध्यक्ष रविंद्र बिश्नोई के खिलाफ कार्यवाही नहीं होने से नाराज स्थाई नर्सिंग ऑफिसर्स ने धरना शुरू कर दिया है जो अनिश्चितकालीन है। नर्सिंग ऑफिसर्स का कहना है कि मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने उनके साथ धोखाधड़ी की। पहले अध्यक्ष को कार्यमुक्त किया, जिसका उन्होंने ऑर्डर निकाला, लेकिन बाद में मुकर गए और जांच कमेटी बिठा दी। नर्सिंग ऑफिसर्स ने कहा कि अब उनकी सरकार से मांग है कि कॉलेज प्राचार्य डॉ. गुंजन सोनी व नर्सिंग एसोसिएशन अध्यक्ष रविंद्र बिश्नोई को यहां से हटाया जाए, तभी वे काम पर लौटेंगे, अन्यथा यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
वहीं, नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र बिश्नोई ने आज प्रेसवार्ता कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मुझे यहां के नर्सिंग ऑफिसर्स ने लगातार दूसरी बार अध्यक्ष चुना है, ऐसे में मेरा उनके प्रति कर्तव्य बनता है कि उनकी हर वाजिब मांग को संबंधित विभाग के अधिकारियों तक पहुंचाऊ।
बच्चा अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर्स की समस्या लेकर गया था, लेकिन वहां सीनियर नर्सिंग कर्मचारी ने मेरे साथ बदतमीजी करते हुए मारपीट की, जिसका उन्होंने विरोध किया। उस दौरान सीनियर महिला नर्सिंग कर्मचारी भी आ गई, सभी ने मिलकर मारपीट व गाली-गलौज की। जब हंगामा हुआ तो गाईस व अन्य नर्सिंग कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जिसके बाद मैं वहां से बाहर निकल गया।
रविंद्र बिश्नोई का कहना है कि मारपीट करने वाला नर्सिंग ऑफिसर्स की मानसिक स्थित ठीक नहीं है, जिसकी पहले भी कई बार शिकायतें मिल चुकी है। इससे पहले नर्सिंग अधीक्षक से वार्ता की, लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
रिलीव ऑर्डर पर बिश्नोई ने कहा कि नियमों विरुद्ध ऑर्डर किया गया था, ऐसे में उस ऑर्डर को रोकना पड़ा। फिलहाल इस प्रकरण में जांच कमेटी जांच कर रही है, मैं कमेटी का जांच में पूरा सहयोग करूंगा और जो भी निर्णय आएगा, उसका मैं स्वागत करूंगा।
सदर पुलिस थाने में दर्ज हुए मुकदमे को लेकर बिश्नोई ने कहा कि यह ठीक नहीं है, जबकि यह सबको पता है कि यह लड़ाई सिर्फ और सिर्फ वर्चस्व की है। जिसमें मुझे टारगेट किया जा रहा है।

























