बीकानेर: जमीन बेचने के बाद दस्तावेज में हेरफेर कर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में बीछवाल पुलिस थाने में सुनील कुमार पुत्र जसराज ने मुक़दमा दर्ज करवाया है। परिवादी ने निर्मल कुमार भूरा, उत्तम कुमार भूरा पुत्र दीपचंद भूरा (डायरेक्टर बीकानेर होटल प्राइवेट लिमिटेड), राजेश कुमार, गजानंद स्वामी, कमल कुमार बैद, सुरेंद्र कुमार और अनिल कुमार नाई के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज करवाया है।
परिवादी ने मुक़दमा दर्ज करवाते हुए बताया कि बीकानेर होटल्स प्रा.लि. कंपनी बीकानेर द्वारा बनाई गई समता नगर स्कीम में 24 जून 2013 को उसने प्लॉट संख्या ए-118 जो कि 14 लाख रूपए में सुनीता मितल से खरीदा था। जिसमें गवाह के रूप में सुशीला, चतुर्भुज ओझा थे। वहीं 18 जून 2013 को इसी समता नगर स्कीम में ए-116 और ए-117 नंबर प्लॉट 22 लाख 31 हजार में नरेन्द्र सिंह से खरीदा था। पिमें जगह के रूप में दीपेन्द्र सिंह, प्रमेन्द्र कुमार थे। परिवादी ने बताया कि जिसके बाद हमने प्लॉट पर मकान बना लिया और रह रहे हैं।
4 अगस्त 2025 को कुछ लोग आए और कहा कि हम नगर विकास न्यास से आए है और तुम्हार मकान गिराकर यहां पर पार्क बनाएंगे। जब प्रार्थी ने एतजराज किया तो सुरेन्द्र धारीवाल, अनिल कुमार कुछ लोगों को अपने साथ लेकर आए और बोले कि बीकनेर होटल्स प्रा.लि. कंपनी के डायरेक्टर्स और निर्मल कुमार भुरा, उतम कुमार भुरा ने आपके मकान के पीछे वाले स्थान पर मार्केट बनाना तय किया है। ऐसे में इस स्थान पर मार्केट बनेगा। परिवादी ने कहा कि उक्त प्लॉट नक्शे के अनुसार खरीदा हुआ है।
जिसके बाद आरोपियों ने कहा कि 2009 में यूआईटी से तुम्हारे मकान की जगह पर पार्क व उसके पास में कॉम्पलेक्स का नक्शा पास करवा लिया है और अब हम निर्मल कुमार भुरा के कहने से इस मार्केट की दुकानों का विक्रय कर रहे हैं। जब परिवादी ने इस सम्बंध में यूआईटी से पता किया तो पता चला कि 2009 में आरोपियों ने रिवाईजड प्लान यूआईटी से स्वीकृत करवा लिया।

























