एफआईआर के अनुसार सोमवार शाम गश्त के दौरान पुलिस टीम को सादुलगंज क्षेत्र में सुखदेव चायल के मकान के पास एक संदिग्ध युवक घूमता दिखाई दिया। पूछताछ में युवक ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उसके मोबाइल फोन की जांच करने पर कई घरों के फोटो मिले, जिनमें पीयूष ङ्क्षसगारी, सुखदेव चायल और राजकुमार चौधरी के मकान शामिल थे।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जीतेन्द्र चारण उर्फ जीतू, वीरेन्द्र चारण और रोहित गोदारा के गिरोह के निर्देश पर रैकी कर रहा था। गिरोह के सदस्यों ने उसे टारगेट के घरों की फोटो व लोकेशन भेजने के लिए पांच हजार रुपये दिए थे। आरोपी ने यह रकम अपने परिचित के बैंक खाते के जरिए प्राप्त करने की बात कबूल की। एफआईआर के अनुसार इस काम में रोहित राणा को बीकोनर में कुछ युवकों के नाम भी बताए और कहा कि ये उसकी मदद करेंगे।
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल से फोटो, कॉल हिस्ट्री और चैटिंग के सबूत जब्त कर लिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह गिरोह फिरौती वसूली और धमकाने जैसे मामलों में संलिप्त पाया गया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धार 111(2) (बी), 111(3), 111(4) और 61 (2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच थाना जेएनवीसी पुलिस को सौंप दी गई है।
बता दें कि इससे पहले भी पुलिस ने एक एफआईआर 14 अक्टूबर को दर्ज की थी। इसमें भी पुलिस ने 24 जनों को नामजद किया। ये एफआईआर डॉक्टर श्याम अग्रवाल को धमकी देने की जांच के आधार पर दर्ज कराई गई। इसमें भी रोहित गोदारा सहित 24 लोगों को नामजद किया गया था। हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
























