बीकानेर। पूर्व कोटगेट थानाधिकारी एवं वर्तमान में यातायात पुलिस अजमेर में पदस्थ संजय बोथरा पर एक विधवा महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने शुक्रवार को पुलिस महानिरीक्षक (IG) को ज्ञापन सौंपकर मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाने, धमकाने तथा परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
पीड़िता अल्ताफ बानो पत्नी यूनुस खान, निवासी सुनारों की बगेची ने ज्ञापन में बताया कि पूर्व में उनके पुत्र जावेद खान एवं उसके मित्र गोवर्धन चौधरी को एक मामले में तत्कालीन थानाधिकारी संजय बोथरा द्वारा थाने लाकर कथित रूप से मारपीट की गई थी। महिला का आरोप है कि जब वह इस संबंध में थाने बातचीत करने पहुंची तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार व मारपीट की गई।
महिला के अनुसार, इस प्रकरण में संजय बोथरा के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था और जांच के दौरान उन्हें दोषी माना गया। वर्तमान में वे जमानत पर हैं। जमानत पर रिहा होने के बाद से वे कथित रूप से गवाहों और पीड़ित परिवार पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि संजय बोथरा द्वारा हिस्ट्रीशीटर एवं असामाजिक तत्वों के माध्यम से धमकियां दिलवाई जा रही हैं। महिला का दावा है कि गैंगस्टर रोहित गोदारा के जरिए भी उन्हें डराने की कोशिश की गई। पीड़िता के अनुसार, रोहित गोदारा ने अपने कथित व्हाट्सऐप नंबर से महिला के पुत्र इमरान के मोबाइल नंबर पर कॉल कर मुकदमा नहीं उठाने पर जान से मारने की धमकी दी।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि संजय बोथरा अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए कोटगेट थाने के पुलिसकर्मियों एवं अन्य लोगों को उनके घर बार-बार भेजकर डराने का प्रयास कर रहे हैं। कई बार पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट, महिलाओं के साथ बदतमीजी, घर का सामान बिखेरने, सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर उठाकर ले जाने तथा घर में खड़े वाहनों को जब्त करने जैसे गंभीर आरोप भी ज्ञापन में लगाए गए हैं।
पीड़िता ने यह भी कहा कि लगातार भय और मानसिक तनाव के चलते उसके पति हमेशा डर में रहते थे और इसी दबाव के कारण उनकी मृत्यु हो गई। अब पूरा परिवार असुरक्षा के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है।
महिला के भाई फिरोज खान ने भी संजय बोथरा के खिलाफ मारपीट और फर्जी दस्तावेज तैयार करने से संबंधित मामला दर्ज करवाने का दावा किया है।
पीड़िता ने पुलिस महानिरीक्षक से पूर्व सीआई संजय बोथरा को निलंबित करने, निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा अपने परिवार को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
























