बीकानेर। श्रीमद्भागवत कथा में लिखे मंत्र और श्लोक केवल भगवान की आराधना और उनके चरित्र का वर्णन ही नही है बल्कि वह सारे तत्व हैं जिनके माध्यम से जीव अपना तो कल्याण कर ही सकता है अपने से जुड़े हुए लोगों का भी कल्याण करवा सकता है। यह उद्गार अग्रवाल भवन में आयोजित कथा का वाचन करते हुए महामंडलेश्वर श्री बजरंगदास जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन व्यक्त किए। श्री बजरंगदास जी महाराज ने कहा कि जीवन में प्रत्येक व्यक्ति को श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण जरुर करना चाहिए। बिना आमंत्रण के भी अगर कहीं भागवत कथा हो रही हो तो वहां अवश्य जाना चाहिए। कथा में ज्ञान, भक्ति और वैराग्य के साथ ही श्रीमद्भागवत कथा श्रवण का महात्म्य बताया गया। दुर्गादेवी-मोहनलाल सोनी एवं समस्त मौसूण चरकड़ा परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं भागवत कथा का आयोजन कलश यात्रा के साथ हुआ। रथ पर विराजित संत-महात्माओं और सिर पर कलश धारण किए महिलाओं द्वारा हरि संकीर्तन से गंगाशहर की धरा भक्तिमय हो गई। कलश यात्रा ठाकुरजी मंदिर निज निवास से अग्रवाल भवन तक निकाली गई। कलश यात्रा में राष्ट्रीय संत श्री सरजूदासजी महाराज का भी आतिथ्य रहा। दुर्गादेवी मोहनलाल सोनी, महावीर सोनी, बजरंग सोनी ने श्रीमद्भागवत कथा का पूजन किया। महावीर सोनी ने बताया कि कथा का समय दोपहर में 1 से 4 बजे तक रहेगा एवं 15 जनवरी को हवन-प्रसादी के साथ पूर्णाहुति की जाएगी। इसी क्रम में 10 जनवरी से शाम को नानी बाई मायरा का आयोजन होगा।
























