पिछ्ले दिनों पूरे प्रदेश में कांग्रेस ने जिलाध्यक्षों की घोषणा की थी। घोषणा के बाद कुछ जिलों में अंदर खाने स्थानीय नेताओं को नराजगी भी झेलनी पड़ी।
इसी क्रम में एआईसीसी एंव प्रदेश कांग्रेस के आगामी दिनों में पूरे प्रदेश में होने वाले कार्यक्रमों को देखते हुवे सभी जिलाध्यक्ष से नई कार्यकारिणी के लिए पहले तो 71 नाम मांगे गए फिर दिल्ली से आये फरमान में शहर में 31 एंव देहात में 51 की संख्या घटाकर सीमित कर दी गई। जिसे लेकर नए कांग्रेस जिलाध्यक्ष एंव विधायक गणों में नाराजगी है। पूरे प्रदेश में 15 फरवरी तक घोषणा होनी भी थी लेकिन आज तक नही हुईं।
बात करे बीकानेर शहर की तो यहां से भी स्थानीय नवनियुक्त अध्यक्ष एंव प्रमुख नेताओं ने आपसी सहमति कर पहले 71 नाम प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजे एंव उन सभी 71 पदाधिकारियों को भी सूचित किया गया था। लेकिन अब एआईसीसी की गाइड लाईन के अनुसार अब शहर में सिर्फ 31 ही पदाधिकारी बन सकते है इसी कारण स्थानीय नेतृत्व काफी परेशानी में दिख रहा है। क्योंकि अब पीसीसी भेजे गए 71 में से सीधे 40 नाम कम करने है।
सूत्रों के अनुसार अंदरखाने यह खबर है कि बरसो से पार्टी की सेवा कर रहे है सक्रिय एंव निष्ठावान कार्यकर्ताओं- पदाधिकारियों के नाम काटे जा रहे है इस कारण यह पूर्व पदाधिकारी गण सूची जारी होने के बाद कुछ बड़ा निर्णय ले सकते है। इसके अलावा इस कार्यकारिणी में सबसे महत्वपूर्ण संगठन महासचिव पद को लेकर भी काफी लॉबिंग हो रही है। सूत्रों के अनुसार इस संगठन महासचिव पद पर सबसे बड़ा दावा अकलियत समुदाय का है। इसके अलावा ब्राह्मण वर्ग को भी यह पद मिल सकता है।























