बीकानेर पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय भारत-पाक सीमा पार से ड्रोन के जरिए हो रही हथियार तस्करी के बहुचर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस थाना खाजूवाला की कार्रवाई में पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद आरोपी सुखविन्द्र सिंह उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया गया है, जो इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
महानिरीक्षक पुलिस बीकानेर रेंज श्री ओमप्रकाश के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक श्री मृदुल कच्छावा के सुपरविजन में आईपीएस अधिकारी अनुष्ठा कालिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस मामले में अहम कार्रवाई की।
ड्रोन से भेजे गए थे विदेशी हथियार
पुलिस के अनुसार 26 फरवरी 2026 को खाजूवाला थाना क्षेत्र के चक 24 केएनडी में एक क्षतिग्रस्त विदेशी ड्रोन मिला था। ड्रोन से 5 विदेशी पिस्टल और 325 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। इस मामले में खाजूवाला थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
जांच के दौरान पुलिस और बीएसएफ ने संयुक्त रूप से घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा तकनीकी साक्ष्यों और आसूचना के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल की।
जेल में बैठकर चला रहा था नेटवर्क
अनुसंधान में सामने आया कि आरोपी सुखविन्द्र सिंह उर्फ सोनू, जो करीब 37 किलो हेरोइन तस्करी के मामले में पंजाब की फाजिल्का पुलिस द्वारा गिरफ्तार होकर फरीदकोट जेल में बंद था, वहीं से पाकिस्तान के तस्करों के संपर्क में था।
पुलिस के अनुसार आरोपी मोबाइल फोन के जरिए पाकिस्तान स्थित ड्रग सिंडिकेट से संपर्क कर ड्रोन के माध्यम से अवैध हथियार और कारतूस मंगवा रहा था। आरोपी द्वारा ड्रोन ड्रॉपिंग के लिए लोकेशन और कोऑर्डिनेट्स भी उपलब्ध करवाए गए थे, लेकिन ड्रोन निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंच पाया और दुर्घटनाग्रस्त होकर खेत में गिर गया, जिससे पूरा मामला सामने आ गया।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बड़ा खतरा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स और हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। वह पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और मादक पदार्थ भारत में मंगवाकर सीमा क्षेत्र में सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने इसे देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए गंभीर खतरा बताया है।
प्रोडक्शन वारंट पर किया गिरफ्तार
मुख्य आरोपी सुखविन्द्र सिंह उर्फ सोनू को 9 मई 2026 को फरीदकोट जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया। आरोपी को अदालत में पेश कर 17 मई 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों, ड्रोन नेटवर्क और हथियार सप्लाई से जुड़े पहलुओं की गहन जांच कर रही है।























