बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में अब मरीज की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) पर डॉक्टर के नाम की मुहर होना अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य सरकार की आरजीएचएस और अन्य निशुल्क जांच योजनाओं में सामने आए फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अस्पताल प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है। अब रेजिडेंट डॉक्टरों को भी अपने नाम की मुहर बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि मुहर उपलब्ध न हो, तो डॉक्टर को पर्ची पर अपना पूरा नाम, विभाग और आरएमसी नंबर लिखना होगा। आमतौर पर डॉक्टरों की मुहर काउंटरों पर खुली पड़ी रहने से कर्मचारी या बाहरी लपके मरीजों की पर्ची पर फर्जी हस्ताक्षर कर देते थे।
अस्पताल में ओपीडी और आईपीडी मिलाकर रोजाना निशुल्क दवा व जांच की दस हजार से अधिक पर्चियां कटती हैं। इस बीच, आरजीएचएस फर्जीवाड़े के मुकदमे की जांच कर रही एसओजी के निरीक्षक नेमीचंद का दल पीबीएम अस्पताल और निजी काउंटरों से संदिग्ध पर्चियों का रिकॉर्ड लेकर जयपुर लौट गया है। एसओजी अब तक इस मामले में 75 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है, जिनमें अधिकांश मरीज हैं।






















