बीकानेर। नहरबंदी 10 मई को खत्म होने के बाद भी बीकानेर शहर पर पेयजल संकट का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। पंजाब से छोड़े गए पानी को लेवल बढ़ाने के लिए रास्ते में रोका गया है। शहर में सामान्य सप्लाई बहाल होने में अभी कम से कम पांच दिन और लगेंगे। बीकानेर के मुख्य बीछवाल और शोभासर जलाशयों में अब केवल पांच दिन का ही पानी शेष बचा है। यदि पंजाब से पानी पहुंचने में एक दिन की भी देरी हुई तो पूरे शहर में त्राहि-त्राहि मच जाएगी। वर्तमान में नहरबंदी के चलते शहर में एक दिन छोडक़र पानी की सप्लाई की जा रही है।
नहरबंदी 10 मई को खत्म हो गई थी। उसके बाद पंजाब से करीब 1300 क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा गया था। इस पानी को फरीदकोट में 124 आरडी पर ही रोक दिया गया है। वहां पर गेट बंद करके नहर का लेवल बराबर किया जा रहा है। स्थिति पर नजर रखने के लिए नहर विभाग के अधीक्षण अभियंता रेगुलेशन रामाकृष्णा ने टीम सहित वहीं पर डेरा डाल दिया है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता सुनील कटारिया देर रात ही लौटे हैं और पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं।
उनका कहना है कि हनुमानगढ़ चीफ इंजीनियर पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पीएचईडी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पुरोहित भी बुधवार को पंजाब पहुंच गए। नहर फिलहाल खाली होने के कारण उसमें पानी की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी। हरिके बैराज से गुरुवार को दो हजार क्यूसेक छोड़ा जाएगा। दस हजार क्यूसेक पानी छोडऩे में करीब छह दिन का समय लगेगा। इस दौरान दोनों जलाशयों में पानी पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। पानी की किल्लत इन इलाकों में ज्यादा है। जिसमें करणीनगर, गंगाशहर, किसमीदेसर, भीनासर, बल्लभ गार्डन, सुदर्शनानगर सहित शहर के काफी हिस्सों में लोग टेंकरों से पानी खरीदने को मजबूर हैं। सबसे ज्याद खराब स्थिति वार्ड 25 की है। छोटा रानीसर बास में 2022 में 300 एमएम का नया फीडर डाला गया था। श्रीरामसर टंकी से उसका मिलान अब तक नहीं हो पाया है। नलकूप का बिजली कनेक्शन ही नहीं हुआ। कुछ स्थानों पर पाइप लाइनें ही नहीं डाली गई हैं। मोहता सराय एरिया में जलापूर्ति बुरी तरह गड़बड़ाई हुई है। डारो का कब्रिस्तान, रंगरेज भवन आदि क्षेत्रों में भी पाइप लाइन बाकी पड़ी है। छोटा रानीसर बास में हर दो घंटे में टेंकर आ रहा है। टैंकर देखते ही पानी भरने के लिए महिलाओं और बच्चों की भीड़ लग जाती है। पूर्व पार्षद वसीम खिलजी का कहना है कि वर्ष 2022 में इन इलाकों में करीब डेढ़ करोड़ रुपए पेयजल सप्लाई पर खर्च किए थे, लेकिन उसका उपयोग अब तक नहीं हुआ है।
आज 2000 क्यूसेक पानी छोड़ा तो 18 तक मिलेगा
हरिके बैराज से गुरुवार को छोड़ा गया दो हजार क्यूसेक पानी 18-19 मई तक जलाशयों को मिलेगा। हालांकि पेयजल वितरण प्रणाली पहले ही तीन दिन लेट हो चुकी हैं। जलदाय विभाग का दावा है कि पांच-छह दिन तक समस्या नहीं है। अभी एक दिन छोडक़र पानी दिया जा रहा है। यदि नहर से पानी मिलने में देर लगी तो शहरवासियों को दो दिन छोडक़र पानी मिलेगा।






















