संभाग के सबसे बड़े हॉस्पिटल को अखाड़ा बना के रख दिया है
मरीज़ हो रहे है परेशान शासन प्रशासन मोनी बाबा का रूप धारण करके बेठे है कहने को संभाग में एक केंद्रीय मंत्री एक केबिनेट मंत्री और 7 विधायक हैं मगर शहर अनाथ हुवा पड़ा है किसी कोई मतलब नहीं
डाक्टर हड़ताल पर नर्सिंग कर्मी हड़ताल पर आपसी झगडे मुकदमे भ्रष्टाचार का गढ हो गई pbm अस्पताल ये हालत सरकार निकम्मी साबित हुई ना तो इनकी पकड़ अफसरों पर हे ना ही तंत्र पर इन्हें हालत देखकर इस्तीफा दे देना चाहिये
विधायक मंत्री ओर केंद्रीय मंत्री को जनता ने इन्हें इसलिए नहीं चुना की वो हर समस्या के समाधान के लिये सड़क पर उतरे.
बीकानेर प्रशासन को भी जनता से कोई सरोकार नहीं जिला कलेक्टर ने आम जनता के लिए कोई रुचि नहीं दिखाई सड़के नालियां नाले जल व्यवस्था गोचर चिकित्सा शिक्षा कानून व्यवस्था सब चोपट हो रहा है इनको कुछ दिखाइ नहीं देता
Pbm जेसे संवेदनशील मामले में जिला कलेक्टर का हस्तक्षेप नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है
डाक्टर हड़ताल और नर्सिग हड़ताल में कोई कार्यवाही कर जनता मरीजों को राहत नहीं दिलाई तो हम सड़क पर आंदोलन करेंगे जनता की लड़ाई जनता की मांग हमारी हैं

























