बीकानेर। बीकानेर गौशाला संघ द्वारा गौशालाओं के अनुदान अन्य समस्याओं व गोचर ओरण भूमि अधिग्रहण करने के विरोध में एक बड़ी बैठक का आयोजन आज दिनांक 10 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12:00 बजे स्थानीय पुन्यानंद आश्रम जैसलमेर रोड पर आयोजित किया गया। संतो के पावन सानिध्य में गौ माता पर पुष्प वर्षा कर बैठक को प्रारंभ किया गया।
बैठक में अपनी बात रखते हुए बीकानेर गौशाला संघ के अध्यक्ष सूरजमाल सिंह नीमराना ने बताया कि आज 11 महीने बीत जाने के बाद भी राजस्थान के लगभग 2700 गौशालाएं अनुदान से वंचित है। अभी तक राजस्थान के आठ जिलों में तो गौशालाओं से बिल वाउचर भी नहीं मांगे गए, यह सरासर गौशाला के साथ छल और कपट हो रहा है।
नीमराना ने कहां की जब राज्य सरकार के पास में गौ संवर्धन निधि 2016 के अनुसार गौशालाओं को अनुदान देने के लिए संचित निधि है, फिर उस निधि का उपयोग अन्यंतर करके गौशालाओं के साथ में छल किया गया है। गौशालाओं के हित एकत्रित की गई राशि का उपयोग दूसरे कार्यों hindi@mymandir.com में करना, यह सरकार की गौशालाओं के प्रति 3 hindi@mymandir.com दासीनता है। यदि समय रहते गौशालाओं के हित सकारात्मक प्रयास नहीं किए गए, तो सरकार को इसका बहुत बड़ा परिणाम भुगतना पड़ेगा। hindi@mymandir.com
संघ के महामंत्री निरंजन सोनी ने बताया कि वर्तमान में गौशालाओं को आर्थिक सहायता का अनुदान मिले, 11 माह हो चुके हैं, 11 महीने से गौशालाएं आर्थिक तंगी से गुजर रही है, गौशाला के यह हालात बन गए हैं, कि उन्हें गोवंश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है। उधर सरकार नई-नई योजनाएं गौशालाओं पर थोंप रही है, बिना कारण गौशालाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। इन विषयों को लेकर आज एक व्यापक जन आंदोलन की रणनीति बनाई गई, ताकि गौशालाओं को सरलता से अनुदान मिल सके, वह गौशालाओं का उत्पीड़न बंद हो।
संघ के वरिष्ठ सदस्य धुडाराम जी कुलड़िया ने बताया कि संघ ने यह तय किया है, यदि सरकार समय पर अनुदान का वितरण, अनुदान के आवेदन में सरलता, गौशालाओं का उत्पीड़न बंद नहीं करती है, तो दीपावली के बाद में एक बड़े राज्य स्तरीय आंदोलन का शुभारंभ बीकानेर संभाग स्तर की विशाल सभा से किया जाएगा। इस बीकानेर संभाग की विशाल सभा मे संभाग के चारों जिलों के 20000 कार्यकर्ता सम्मलित होंगे।
बीकानेर गौशाला संघ के जगदीश सिंह राजपूरोहित ने बताया कि आज की बैठक में *7 नवंबर को बीकानेर में, बीकानेर संभाग स्तरीय विशाल सभा का आयोजन किया जाएगा। * इस सभा में बीकानेर सहित हनुमानगढ़, गंगानगर, चूरू व डीडवाना- कुचामन की गौशालाएं सम्मिलित होगी, इस सभा के माध्यम से *राज्य स्तरीय आंदोलन का शंखनाद किया जाएगा*, जो की बीकानेर के बाद राजस्थान के *सातों संभागों* में बड़ी सभा करके राज्य सरकार को गौशालाओं का उत्पीड़न बंद करने की चेतावनी दी जाएगी, उसके बाद * जनवरी 2026 के दूसरे सप्ताह में राज्य स्तर* पर जयपुर में एक विशाल धरने का आयोजन किया जाएगा।
संघ के मालाराम सारस्वत बापेऊ ने कहा कि यदि आगामी मंगलवार 15 अक्टूबर तक राज्य सरकार राजस्थान की समस्त गौशालाओं की अनुदान राशि जारी नहीं करती है, तो संघ के कार्यकर्ता पशुपालन विभाग के संभाग मुख्यालय पर सामूहिक अनशन पर बैठ जाएंगे। जिसका समस्त दायित्व राज्य सरकार का होगा।*
आज की इस अति महत्वपूर्ण बैठक में गौ ग्राम सेवा संघ के महेंद्र सिंह लखासर ने बताया कि वर्तमान में बीकानेर विकास प्राधिकरण के द्वारा बीकानेर जिले के 188 ग्राम सहित बीकानेर शहर की 40000 बीघा भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, उसका बीकानेर गौशाला संघ कड़ा विरोध करता है। इस विषय को लेकर गोचर ओरण संरक्षक संघ के द्वारा चलाए जा रहे, आंदोलन का पूर्ण समर्थन करता है, ताकि जो गोचर, गौवंश के काम आ रही है, उस गोचर का उपयोग बीकानेर विकास प्राधिकरण बेचने के लिए नहीं करें। यह गोचर ओरण गोवंश व असंख्य जीव जंतुओं के जीवन के लिए अति महत्वपूर्ण है। इस बैठक में बड़े आंदोलन की तैयारी की रूप रेखा तय की गई। सभी गौशाला संचालकों ने वर्तमान में चल रहे गोचर ओरण संरक्षण संघ राजस्थान के आंदोलन को पूरा समर्थन देने की घोषणा की, इस आंदोलन में तन मन धन से बीकानेर जिले के गौशाला संचालक सहयोग करेंगे। जब भी कोई बड़ा आंदोलन संघ के द्वारा आयोजित किया जाएगा, तो उसमें बढ़ चढ़कर संघ भाग लेगा।
आज की बैठक में पूज्य श्याम गिरी महाराज, गोविंद स्वरूप महाराज, सुखदेव महाराज, संत चंद्रशेखर महाराज, के पावन सानिध्य में बीकानेर गौशाला संघ के सत्यनारायण राठी, प्रेम सिंह घूमांदा, मोहन सिंह राठौड़, अगर सिंह परिहार, देवीलाल गोदारा, भैराराम नाई, सत्यनारायण स्वामी, हनुमान सिंह ढींगसरी, प्रेम गोदारा, सुनील व्यास, अनूप गहलोत, मालाराम सारस्वत, जगदीश सिंह राजपुरोहित, काशी झवर, बलदेव दास भदानी, हरिओम पुरोहित, त्रिलोक मारु, प्रकाश वेद, हनुमान सिंह भाटी, उमाशंकर सोलंकी, गोपी किशन अग्रवाल, चांदवीर सिंह, रामचंद्र व्यास, मोती सिंह राजपूरोहित, शंकर पारीक, रुपाराम सुथार, भिवराज डूडी, जुगल किशोर पारीक, भंवरलाल बिश्नोई, जेठनाथ सिद्ध,, बैरीशालसिह, महीपाल सिंह, रामेश्वरलाल गोदारा, कुशाल सिंह, प्रकाश पारिक, पन्नालाल सियाग, श्याम सुंदर पारिक, राधेश्याम शर्मा, मगाराम सियाग, पन्नालाल सियाग, रानीदानसिहं सारुंडा, भगवान राम, मोहनलाल साद, जसाराम लालासर, अजीत सिंह बिदावत, रतनलाल गहलोत आदि सहित बीकानेर के श्री डूंगरगढ़, श्री कोलायत जी, नोखा, खाजूवाला, लूणकरणसर, बीकानेर तहसील व पांचू, जसरासर, हंदा, बाना, पूगल, बीकानेर सहित बीकानेर की 9 पंचायत समितियां के गौशाला संचालकों ने भाग लिया।
























