जयनारायण व्यास कॉलोनी थाना क्षेत्र में जमीन कब्जे को लेकर सेवानिवृत्त महिला कांस्टेबल के साथ मारपीट, कपड़े फाडने, सोने का आभूषण छीनने और बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। पीडिता ने अदालत में परिवाद लगाया, जिस पर पुलिस ने कुलदीप सिंह उफर् हेम सिंह, रामेश्वर सिंह, अनिल पारीक, बिरजू बावरी, उसकी पत्नी और चार-पांच अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, पीडिता ने वर्ष 2008 में उदासर स्थित राय नगर कॉलोनी के मुरबा नंबर 158/36, 158/35 और 158/43 में भूखंड खरीदा था। यह जमीन एक टाउन प्लानिंग प्रोजेक्ट के तहत विकसित की गई थी, जहां कई खरीदार घर बनाकर बिजली, पानी कनेक्शन सहित निवास कर रहे हैं। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र में भू-माफिया सक्रिय हैं, जो खाली पड़े प्लॉटों पर कब्जा करने, पुराने दस्तावेजों को बदलने, दोबारा रजिस्ट्री करने और वास्तविक खरीदारों को परेशान कर बेदखल करने का गलत धंधा चला रहे हैं।
पीडिता ने बताया कि 11 अक्टूबर 2025 को वह अपने भूखंड पर पहुंची तो देखा कि वहां निर्माण कार्य कर कब्जे की कोशिश की जा रही थी। आपत्ति जताने पर बिरजू बावरी और उसके परिवार ने झगड़ा शुरू कर दिया। आरोप है कि गाली-गलौज के बाद उसे धक्का देकर गिराया गया, कपड़े फाड़ दिए गए और पहना हुआ सोने का फूलड़ा छीन लिया गया।
रिपोर्ट में बताया कि इसी दौरान कुलदीप सिंह उफर् हेम सिंह ने बिरजू से बंदूक लाने को कहा और धमकी दी कि इसको सबक सिखाओ। पीडिता ने बताया कि वह किसी तरह अपनी साथी महिलाओं के साथ जान बचाकर वहां से निकली।
परिवाद में यह भी बताया कि संबंधित जमीन पहले से विधवत बेची जा चुकी थी, इसके बावजूद आरोपी पक्ष ने नगर विकास न्यास के अधिकारियों से तथ्यों को छुपाते हुए 28 दिसंबर 2022 को दोबारा रजिस्ट्री करवाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए, जिनका उपयोग अब कब्जे और बेदखली की कोशिश में किया जा रहा है। रिपोर्ट में बताया कि इससे पहले भी वर्ष 2013 में इसी जमीन पर कब्जे की कोशिश हुई थी, जिस पर 24 मई 2013 को सरकारी स्तर पर हस्तक्षेप कर खरीदारों को दोबारा कब्जा दिलाया गया था।
अदालत द्वारा संज्ञान लेने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 323, 338, 336(3), 340(1), 340 (2) और 339 समेत अन्य प्रावधानों में मामला दर्ज करते हुए जांच एएसआई जयप्रकाश को सौंपी है।























