बीकानेर।स्थाई कर्मचारियों के मिलने के बाद पूर्व में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर्स आज बेरोजगार होकर अपने घर पर बैठे है, अब इन्होंने सुनवाई समायोजन की मांग को लेकर धरना लगा दिया है। मामला यूटीबी नर्सेज से जुड़ा है, जो पिछले पांच माह से बेरोजगार है। जिसको लेकर करीब 54 नर्सिंग ऑफिसर्स ने धरना शुरू किया है। धरने पर बैठे नर्सिंग ऑफिसर्स ने बताया कि वे पहले पीबीएम अधीक्षक कार्य क्षेत्र में थे, जहां स्थाई वैकेंसी में कर्मचारियों के आने बाद उन्हें स्टेंड बाइ मोड पर मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल के अधीन भेज दिया गया।
आरोप है कि पूर्व प्रिंसिपल डॉ. गुंजन सोनी व नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष ने मिलीभगत कर फर्जी तरीके से 27 नर्सिंग ऑफिसर्स का समायोजन कर दिया और 54 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। ऐसे में पिछले पांच माह से बेरोजगार हुए घर पर बैठे है। नर्सिंग ऑफिसर्स ने बताया कि जब उन्होंने कॉलेज प्रशासन से इस संबंध में बात की तो कहा गया कि सरकार की परमिशन पर 27 नर्सिंग ऑफिसर्स का समायोजन किया गया था, लेकिन 27 कर्मचारियों का लेना और बाकी को घर बिठा देना, जैसा कोई नियम ही नहीं है। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि मिलीभगत और सांठगांठ के चलते यह फर्जी समायोजन का खेल हुआ, जिसके चलते 54 कर्मचारी आज भी वंचित है।
कर्मचारियों ने बताया कि जब वे समायोजन की बात को लेकर जाते है तो कहते है कि पहले जयपुर से ऑर्डर लेकर आओ, फिर यहां से ऑर्डर होगा। जबकि निकालते समय इन्होंने यह दिशा-निर्देश न तो जयपुर से मांगे गए और न ही कहीं और से मांगे गए। नर्सिंग ऑफिसर्स ने बताया कि जिन 27 कर्मचारियों को फर्जी तरीके से लगाया उनके सबूत एसओजी, संभागीय आयुक्त सहित अन्य जांच एजेंसियों को सौंपे गए, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई सनवार्ड नहीं हुई। अब थक-हारकर आखिरकार धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जिसमें तीन दिन का सांकेतिक धरना रहेगा, उसके बाद आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।























