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बीकानेर । नत्थूसर बास स्थित श्री नवलेश्वर मठ सिद्धपीठ,श्री विवेकनाथ जी की बगेची में आज महायोगी श्री विवेकनाथ महाराज की पावन बरसी एवं निर्वाण दिवस अत्यंत श्रद्धा,भक्ति साधना और वैदिक परंपराओं से मनाया गया इस निर्वाण दिवस का आयोजन मठ के अधिष्ठाता पूज्य योगी शिवसत्यनाथ जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित किया गया।
प्रातःकाल आरम्भ हुए इस आयोजन में वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अनुष्ठान पंडित जुगलकिशोर जी ओझा (पुजारी बाबा) व मठ के पुजारी रामप्रसाद पुरोहित के आचार्यत्व में सम्पन्न हुए। मठ परिसर में गुरु परंपरा की परंपरागत रीति से पूज्य महायोगी श्री विवेकनाथ जी महाराज जी के समाधि का पूजन वैदिक मंत्रों,महिम्न,रुद्रीपाठ, अष्टाध्याय के मन्त्रों व पंचामृत से अभिषेक अनुष्ठान किया गया इसके साथ गुरु-वंदना एवं दर्शन का क्रम चला जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संतों सहित काफी संख्या में श्रद्धालु भक्तगणों की भी उपस्थिति रही
इस दिव्य आयोजन में पूज्य योगी
शिवसत्यनाथ जी महाराज के साथ संत-महात्माओं की भी उपस्थिति रही जिसमें शिवमठ शिवबाड़ी श्री लालेश्वर महादेव मंदिर के विमर्शानन्द गिरि जी महाराज,श्री सरजूदास जी महाराज महात्यागी पीठाधीश्वर श्री राम झरोखा कैलाश धाम,योगी विलासनाथ जी महाराज,योगी ओमनाथ जी महाराज,योगी गोविंदनाथ जी महाराज,योगी भावनाथ जी महाराज,योगी भास्करनाथ जी महाराज सहित अनेक संत-समाज इस अवसर पर उपस्थित रहे। सभी पूज्य संतों ने अपना आशीर्वचन देते हुए पूज्य महायोगी श्री विवेकनाथ जी महाराज की साधना-धारा,उनके द्वारा स्थापित गुरु परंपरा और समाज के लिए उनके प्रेरक संदेशों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पूज्य विवेक नाथ जी महाराज का पूरा जीवन सनातनीय परंपराओं, योग साधना,धर्म परायण सेवा के साथ-साथ मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा उसके बाद सभी संत महात्माओं की सामूहिक पंगत लगी जिसमें सभी संत महात्माओं ने सामूहिक प्रसादी ग्रहण की
पूजन-अनुष्ठान के पश्चात आयोजित भंडारे में ग्रामीण भक्तों सहित सभी भक्तगणों व श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में गुरु-प्रसाद ग्रहण किया। सेवा-व्यवस्था मठ के सेवकों और स्वयंसेवकों द्वारा अत्यंत सुचारू रूप से संचालित की गई।
मठ के सेवादार नंदकिशोर गहलोत बताया कि इस आयोजन के दौरान पूरा नवलेश्वर मठ आध्यात्म,भक्ति और गुरु-परंपरा की दिव्यता वैदिक मंत्रों,भजन, कीर्तन,पाठ,धार्मिक उपासना पद्धतियों व पूज्य संत महात्माओं के अमृतमय आशीर्वचनो से पूरा मठ दिनभर भक्तिमय वातावरण से शोभायमान रहा।अधिष्ठाता पूज्य योगी शिवसत्यनाथ जी महाराज ने सभी पूज्य संतों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह वार्षिक आयोजन गुरु-परंपरा की कृपा और भक्तों के सहयोग से निरंतर भव्य रूप लेता जा रहा है।