बीकानेर। पीबीएम हॉस्पिटल का मेन गेट बलपूर्वक खोलने के मामले की जांच शुरू हो गई है। इसके लिए अधीक्षक ने तीन सदस्यों की कमेटी का गठन किया। कमेटी की रिपोर्ट राज्य के चिकित्सा शिक्षा सचिव को भेजी जाएगी। पीबीएम हॉस्पिटल के एक मेन गेट का ताला तोड़ने की घटना की जांच के लिए एसपीएमसी प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र कुमार के निर्देश पर अधीक्षक ने उप अधीक्षक डॉ. गौरी शंकर जोशी, पीडब्ल्यूडी एईएन विनोद तंवर और सुरक्षा प्रभारी राजेंद्र सिंह की कमेटी बनाई है। कमेटी ने बुधवार को मीटिंग कर घटनाक्रम की समीक्षा करते हुए सभी बिंदुओं को शामिल करने पर सहमति जताई है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की बात भी सामने आई है। गौरतलब है कि भाजपा नेता भगवान सिंह मेड़तिया और भाजयुमो जिलाध्यक्ष वेद व्यास ने मंगलवार को ताला तोड़कर मेन गेट खोल दिया था। यह गेट पिछले करीब पांच साल से बंद था। मेडिसिन और सर्जरी के ओपीडी दूसरी बिल्डिंग में शिफ्ट होने के बाद इसकी उपयोगिता नहीं थी। इसलिए पीबीएम प्रशासन इस गेट को खोलने के पक्ष में नहीं था, लेकिन जनता की सुविधा को देखते हुए भाजपा नेताओं ने गेट का ताला तोड़ डाला। मंगलवार को पीबीएम में काफी देर तक मामला गर्माया रहा।
पीबीएम हॉस्पिटल के भारी भरकम गेटों की पांच साल से मरम्मत नहीं हो पाई है। सौंदर्यीकरण के नाम पर करीब 15 साल पहले इन प्रवेश द्वारों का निर्माण कराया गया था। अब इन पर लगी पत्थरों की टाइल्स झड़ने लगी है। गेटों के साथ पीबीएम के बाहर दुलमेरा के पत्थरों से चौकियां बनाकर वहां पार्क विकसित किए गए थे। अब सभी जर्जर हालत में हैं। सार संभाल के अभाव में खंडित हो चुके हैं। उस वक्त इन पर लाखों रुपए लगाए थे।।
























