आज बीकानेर में अकलियत समुदाय द्वारा जिला कलेक्टर परिसर से पैदल मार्च कर पिछले कई दिनों से चल रहे खेजहडी बचाओ महापड़ाव में पहुँच कर अपना समर्थन पत्र दिया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) को भी जल्द से जल्द कड़ा कानून बनाने का मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
वरिष्ठ नेता सलीम भाटी ने कहा कि इस्लाम धर्म मे भी पेडों का काफी महत्व है, हमारी पवित्र ग्रन्थ में भी पेड़ लगाने एंव इसके संरक्षण करने का जिक्र किया गया है। पर्यावरण बचाने का कार्य किसी एक समुदाय का नही अपितु हर इंसान का है।
पूर्व यूआईटी चेयरमेन हाजी मकसूद अहमद ने कहा कि केंद्र एंव प्रदेश की सरकार ने हठधर्मिता अपना रखी है, इस सरकार को जल्द से जल्द कड़ा कानून बना कर एक अच्छा सन्देश देना चाहिए।
प्रवक्ता फिरोज भाटी ने बताया कि इनके अलावा पूर्व उपमहापौर हारून राठौड़, अब्दुल मजीद खोखर, हाजी शरीफ समेजा एंव एड. शब्बीर अहमद ने भी कहा कि पर्यावरण का इस्लाम में काफी अहम स्थान है, पेड़ इंसान, जीव जंतु सहित कीड़े मकोड़ो तक को लाभ पहुचाता है। ऐसे पर्यावरण को नष्ठ करने वालो के विरोध में हम सब एकजुट है।
आज समर्थन देने वालो में इनके अलावा माशूक अहमद, पूर्व सरपंच सलीम कल्लर, पूर्व पार्षद शहाबुदीन भुटटो, रहमत अली, आजम अली कायमखानी, फिरोज भाटी, दीन मो. मौलानी, अयूब अली ढूढी, रमजान रंगरेज, बाबर कोहरी, पार्षद वसीम अब्बासी, अब्दुल सत्तार कोहरी, ताहिर हसन क़ादरी, जावेद पंवार, नासीर तंवर, हाजिर खान, अहमद अली भाटी, शहजाद अली भुट्टो, अकबर अली, मौसिम भुटटो, एड. मनीष खान, यासीन पड़िहार, सिराजुद्दीन कोहरी, सबीर खान, आफताब कोहरी, एड. महेंदी हसन सम्मा, अली गुर्जर, सलीम सुलेमानी, शौकत अली जुनेजा, लियाकत अली भाटी, साबीर कादरी, एड अकबर जोईया, हुसेन खिलजी, सलीम नागौरी सहित काफी संख्या में सामाजिक लोग शामिल रहे।






















