
बीकानेर। राजकीय ट्रॉमा सेंटर, पीबीएम हॉस्पिटल बीकानेर में चिकित्सा इतिहास का एक और स्वर्णिम अध्याय दर्ज हुआ है। यहाँ हायपरथाईरॉइड से पीड़ित 58 वर्षीय महिला संतोष गिरी पत्नी लाल गिरी (निवासी रानीबाजार, बीकानेर) के दोनों घुटनों का एक साथ सफलतापूर्वक जटिल प्रत्यारोपण किया गया। यह दुर्लभ व चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत (USFDA अप्रूव्ड इम्पोर्टेड इम्प्लांट के माध्यम से) सम्पन्न हुआ।
ट्रॉमा सेंटर निदेशक एवं अस्थिरोग विभागाध्यक्ष **डॉ. बी.एल. खजोटिया** के नेतृत्व में हुई इस सर्जरी को चिकित्सा क्षेत्र की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। डॉ. खजोटिया ने बताया कि मरीज लंबे समय से हायपरथाईरॉइड रोग से पीड़ित थी, जिससे उसकी हड्डियाँ अत्यधिक कमजोर व खोखली हो चुकी थीं और पैरों में लगभग 40 डिग्री तक का मोड़ आ गया था। साथ ही तेज धड़कन, वजन में कमी और थकान जैसी गंभीर समस्याएँ भी उसे झेलनी पड़ रही थीं। इन परिस्थितियों में घुटनों का प्रत्यारोपण एक अत्यंत जटिल कार्य था, लेकिन डॉ. खजोटिया के अनुभव व विशेषज्ञता ने इस असंभव से लगने वाले ऑपरेशन को संभव बना दिया।
उन्होंने बताया कि मरीज को दोनों घुटनों में असहनीय दर्द और चलने-फिरने में कठिनाई रहती थी। 16 सितम्बर को उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कर आवश्यक जांचें—एक्स-रे, स्केनोग्राम, MRI और थायरॉइड जांच—की गईं। इसके बाद निर्णय लिया गया कि मरीज के दोनों घुटनों का एक साथ प्रत्यारोपण किया जाएगा, ताकि उसे जल्दी से जल्दी सामान्य जीवन जीने का अवसर मिल सके। 19 सितम्बर को सम्पन्न हुई इस सफल सर्जरी के बाद मरीज अब स्वस्थ है और शीघ्र ही अपनी दैनिक दिनचर्या में लौट सकेगी।
इस ऑपरेशन की सफलता का श्रेय डॉ. बी.एल. खजोटिया के कुशल नेतृत्व और उनकी विशेषज्ञता को जाता है। उनकी देखरेख में कार्य करने वाली टीम में अस्थिरोग विभाग के **डॉ. संजय तंवर, डॉ. कृष्ण कुमार कुलदीप, डॉ. मनीष चौधरी** तथा निश्चेतना विभाग की **डॉ. लक्ष्मी, डॉ. प्रियंका, डॉ. उत्कर्ष** शामिल रहे। वहीं नर्सिंग स्टाफ से **मेघराज और सुनील** ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजकीय ट्रॉमा सेंटर में इस प्रकार की जटिल सर्जरी का सफल निष्पादन यह साबित करता है कि बीकानेर जैसे शहर में भी आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सकों की बदौलत मरीजों को उत्कृष्ट उपचार मिल सकता है। डॉ. बी.एल. खजोटिया और उनकी टीम ने न केवल एक मरीज को नया जीवन दिया है, बल्कि चिकित्सा जगत में बीकानेर का नाम भी रोशन किया है।

























