बीकानेर। सितंबर 2025 में 4527, अगस्त में 508 और जनवरी में 117 प्रिंसिपल की तबादला सूची जारी होने के बाद अब एक और सूची आने की स्थिति बनने लगी है। उसकी मुख्य वजह है कि प्रदेश भर में करीब 150 पिंसिंपल ऐसे हैं जिन्होंने सरकार की तबादली सूची पर न्यायालय से स्टे ले लिया है। अब तमाम स्कूल ऐसे हैं जिसमें एक ही स्कूल में दो-दो प्रिंसिपल हो गए। एक तबादला सूची के आधार पर और एक स्टे के आधार पर। ऐसे में आने वाले समय में एक ही स्कूल से दो-दो प्रिंसिपल का वेतन कैसे बनेगा। दरअसल तबादला सूची आने के बाद ऐसा माना जा रहा था कि रिक्त पदों को पहले भरा जाएगा मगर सरकार ने प्रिंसिपल को हटाकर दूसरे लगा दिए। कुछ तो ऐसे है जिनको अगस्त-सितंबर में लगाया और बाद में जनवरी में उन्हें उस जगह से हटा दिया। लोगों ने सरकार के आदेश के खिलाफ न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय से कुछ को स्टे मिल गया तो कुछ को अभ्यावेदन निस्तारण के तहत राहत दी गई। अभ्यावेदन निस्तारण में विभाग को उनकी सुनवाई करके ही फैसला लेना है कि उनको जहां पहले भेजा गया वहां भेजें या नई जगह।
शिक्षा विभाग में ऐसे 150 के करीब प्रकरण पहुंच गए। इतना ही नहीं, हाल ही में जारी हुई फर्स्ट ग्रेड शिक्षकों की भी सूची जारी हुई। उसमें भी अब तक करीब 50 के करीब शिक्षक भी स्टे लेकर आ गए। सबके पास अपने-अपने कारण हैं। अब महकमा ये तय नहीं कर पा रहा कि इनका क्या करें। खासकर वहां बहुत अजीब स्थिति बन गई जहां एक ही जगह पर दो-दो प्रिंसिपल पहुंच गए। बीकानेर के उदासर स्कूल में ऐसी ही स्थिति बन गई। एक न्यायालय से और एक ट्रांसफर सूची के आधार पर प्रिंसिपल बने बैठे हैं।























