बीकानेर। भाजपा संभाग कार्यालय, बीकानेर में “आपातकाल : संविधान की हत्या” विषयक कार्यक्रम भाजपा शहर जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़ एवं भाजपा देहात जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया की अध्यक्षता में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदियों) का सम्मान किया गया तथा आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष और बलिदान को स्मरण करते हुए संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया गया।
मुख्य वक्ता राजस्थान सरकार में राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं संवर्धन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त ओंकार सिंह लखावत ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को लेकर उठे विवाद और लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी जनआंदोलन से घबराकर आपातकाल लागू किया गया। इस दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, न्यायालय जाने के अधिकार तक सीमित कर दिए गए तथा विपक्षी नेताओं और हजारों लोकतंत्र सेनानियों को मीसा के तहत जेलों में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी सहित अनेक विपक्षी नेताओं को भी जेल में बंद किया गया। लखावत ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपातकाल की सच्चाई नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बीकानेर की धरती से कहना चाहते हैं कि कांग्रेस आपातकाल जैसे लोकतंत्र-विरोधी कृत्य के लिए इतिहास के सामने कभी मुक्त नहीं हो सकती।
बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि आपातकाल का इतिहास केवल एक घटना नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का सबसे बड़ा सबक है। प्रत्येक कार्यकर्ता और युवा पीढ़ी को उस दौर की वास्तविकता से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि भविष्य में लोकतांत्रिक मूल्यों पर किसी भी प्रकार का आघात न हो।
डूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का त्याग और संघर्ष हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमें सदैव सजग, संगठित एवं समर्पित रहना होगा।
मीडिया संयोजक कमल गहलोत ने बताया कि कार्यक्रम में मंच पर बैठे मूलचंद सोलंकी, ब्रह्मानंद गहलोत, वीरेंद्र सिंह यादव, आशुतोष रावल, श्रीदत्त दवे, सोहन सिंह सोढ़ा, नारायण सिंह यादव, दाऊलाल गहलोत, ललित प्रसाद रंगा, अशोक कुमार व्यास, नर्बदाशंकर आचार्य सहित मीसाबंदियों ने भी आपातकाल के दौरान के अपने अनुभव साझा करते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष को याद किया।
कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं संयोजक अशोक प्रजापत ने किया।
कार्यक्रम में सह संयोजक दिनेश सांखला, राहुल पारीक, नर्सिंग सेवग, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जालम सिंह भाटी, सत्यप्रकाश आचार्य, कुम्भाराम सिद्ध, पूर्व जिला अध्यक्ष विजय आचार्य, अखिलेश प्रताप सिंह, भवानी पाइवाल, भंवरलाल जांगिड़, रमजान अब्बासी, नारायण चोपड़ा, जिला महामंत्री कौशल शर्मा, श्याम सिंह हाडला, दिलीप सिंह राजपुरोहित, तोलाराम कूकना, जिला उपाध्यक्ष दीपक पारीक, भूपेंद्र शर्मा, मोतीलाल हर्ष, सोहन प्रजापत, हेमनाथ जाखड़, मोहन ढाल, जिला मंत्री सुनीता हटीला, सुमन कंवर शेखावत, धर्मेंद्र सिंह सोलंकी, किशन चौधरी, तरुण स्वामी, विनोद करोल, रामचंद्र सोनी, राजाराम ओझा, मनमोहन सिंह, अशोक मारु, पवन स्वामी, सुशील आचार्य, सुरेंद्र स्वामी, निशा लिम्बा, जोगेंद्र शर्मा, दुष्यंत तंवर, चैन सिंह, मोर्चा अध्यक्ष चंद्रमोहन जोशी, राजाराम सिंगड़, सुभाष वाल्मीकि, मंडल अध्यक्ष आशा आचार्य, विशाल गोलछा, धर्मपाल डूडी, दिनेश चौहान, प्रेम गहलोत, कपिल शर्मा, प्रकाश नाथ, शुभकरण विश्नोई, दीनदयाल भाटी, चोरूलाल मेघवाल, महेंद्र सिंह, प्रशांत विश्नोई, डूंगर सैन, पवन राठी, श्रीराम बिश्नोई, सुभाष खीचड़, राधेश्याम दर्जी, अनिल शुक्ला, श्याम चौधरी, सांगीलाल गहलोत, दीपक यादव, भारती अरोड़ा, सरोज प्रजापत, इंदु वर्मा, अनु सुथार, गजेंद्र भाटी, अंकित तंवर, निशांत गौड़, हिमांशु टाक, दिनेश भटनागर, हरीश भोजक, कविता शर्मा, हुलास भाटी, हरिकांत शर्मा, अरुण सोलंकी, गिरिराज चारण सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





















