बीकानेर। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-3 (व.ख.) बीकानेर के आदेश पर पुलिस थाना मुक्ता प्रसाद ने एक प्रकरण में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की है। यह मामला सरकारी भूमि पर फर्जी खातेदारी और विक्रय से जुड़ा बताया जा रहा है।
परिवादकर्ता चन्द्र प्रकाश पुत्र बुलाकीराम माली, निवासी बीकानेर द्वारा अदालत में दायर परिवाद में आरोप लगाया गया था कि ग्राम चकगर्बी स्थित खसरा नम्बर 1345/159, तादादी 30 बीघा भूमि, जेठाराम के नाम से दर्ज बताई गई, जबकि वास्तविकता में इस नाम से कभी भी सरकारी रिकॉर्ड में यह भूमि दर्ज नहीं रही। आरोप है कि उक्त भूमि को सांठगांठ कर खातेदारी में दर्ज कराया गया और बाद में उपनिवेशन विभाग व राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में हेरफेर करके रकबे की दोहरी खातेदारी प्राप्त कर ली गई।
शिकायत में कहा गया है कि मुल्जिमान केवलचन्द राठी, नवलखी राठी, मोहनलाल राठी, कपूरचन्द, रामस्वरूप राठी, नाथी देवी राठी, और मुरलीधर, सभी निवासी बीकानेर, ने मिलकर इस भूमि को जेठाराम व उसकी पत्नी रतनी देवी के नाम से खातेदारी में दर्ज कराया। जबकि न तो जेठाराम और न ही रतनी देवी के नाम से कभी भी सरकारी रिकॉर्ड में भूमि दर्ज रही। बाद में फर्जी खातेदारी के आधार पर इन जमीनों के बयाना नामे करवाए गए और कुछ हिस्से की बिक्री भी कर दी गई।
मामले में यह भी सामने आया कि राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार खसरा नम्बर 1345/159 और उपनिवेशन विभाग के खसरा नम्बर 77/33 वास्तव में एक ही भूमि है, जिस पर फर्जीवाड़ा कर अलग-अलग खातेदारियां बना ली गईं। पटवारी की रिपोर्ट में भी दोनों भूमियों को एक ही बताते हुए स्पष्ट किया गया है कि रिकार्ड में कभी भी जेठाराम या रतनी देवी के नाम से जमीन दर्ज नहीं रही।
























