बीकानेर। भीनासर स्थित मुरलीमनोहर धोरे पर रविवार को नवाह्न पारायण पाठ के सातवें दिवस सत्संगियों सहित सैकड़ों बालक-बालिकाओं ने रामचरित मानस व सुंदरकांड के सामूहिक पाठ किए। श्रीश्यामसुंदरदासजी महाराज ने परमश्रद्धेयी रामसुखदासजी महाराज के प्रवचन कैसेट के माध्यम से बताया कि स्वामीजी कहते थे भगवान को कपट, छल, छिद्र नहीं सुहाते, सरलता सुहाती है। हनुमानजी भक्ति के आचार्य हैं, हनुमानजी में सरलता है, अतुलित बल के धाम होते हुए भी अभिमान नहीं है। मानव कल्याण व भगवत् प्राप्ति के लिए सरलता होनी जरुरी है। काम, क्रोध, लोभ और मोह तो मानव की कमजोरी है। कपट, छल, छिद्र पहले से ही व्यक्ति सोच कर ठगी का काम करता है। इसलिए भगवान को कपटी-छली व्यक्ति अच्छे नहीं लगते। श्रीश्यामसुंदरदासजी महाराज ने बताया कि नवरात्रा के इस पावन अवसर पर रामचरित मानस पाठ व सुंदरकांड की चौपाइयों से पूरा पांडाल गूंज उठा।

























