भीनासर में पिछले 31 सालों से हर साल कमेटी के कार्यकर्त्ता खुद ही देर रात तक काम करके रावण के पुतले को आकार दे रहे है। जिसमे 25 से 30 कार्य कार्यकर्ता है।कुसम कांत जोशी ने बताया कि रावण के पुतले का कार्य अब अंतिम चरण में है कमेटी को रावण के मुँह को आकार देने में पूरे 10 से 12 दिन लग गये है ।रावण के मुँह को थर्माकोल, बास, सुतली, फेविकोल, कागज, कलर फुल अबरी से बनाया गया है। रावण के मुकुट और आंखों में जलेगी लाइट 15 फिट लंबी तलवार और 10 फिट चौड़ी ढाल भी बनाई गई है। रिमोट से जलेगा रावण ।नाभि मे चलेगी चकरी,रावण का पुतला बनाने में कार्यकर्ता पिछले 18 दिन से जुटे है।मुरलीमनोहर मैदान में मनाए जा रहे इस दशहरे पर्व के लिए प्रशासनिक सेवा भी उपलब्ध करवाने तथा नगर निगम द्वारा सफाई व लाइट व्यवस्था करवाए जाने की मांग की है।दर्शको मे बच्चे ओर महिलाये ज्यादा संख्या मे होती हे कार्यकर्ताओं में हरीओम सुथार,घनश्याम सुथार,कुसम कांत जोशी,जगदीश सुथार ,विष्णु सुथार,पुखराज सुथार,हेमेन्द्र जोशी,जे.पी सुथार,श्रीधर सोलंकी,सीताराम सोलंकी,बंटी सोलंकी,मेघराज सोलंकी,मनीष सोलंकी,किशन सेवग,विदित भाटी,कुसल सुथार,नरेश पंवार,अभीमन्यु सोलंकी,सूर्य-प्रकाश पडिहार,कमल सोलंकी,आशीष पड़िहार,दिनेष पडिहार,पुष्पेन्द्र सिंह,लाल जी सोलंकी,धमेन्द्र सुथार,श्यामसुन्दर सोलंकी,पंकज मोदी ,आंन्नद सुथार

























