बीकानेर। शिक्षा का अधिकार यानि आरटीई में प्रदेश सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। प्रदेश सरकार ने निजी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रवेश को सीमित करने का फैसला किया है। अब आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश केवल पीपी-3 (पूर्व-प्राथमिक कक्षा यूकेजी) और कक्षा 1 में ही दिए जा सकेंगे। पूर्व प्राथमिक स्तर की अन्य कक्षाओं (जैसे पीपी-1, पीपी-2) यानी एलकेजी और यूकेजी-2 में अब फीस पुनर्भरण नहीं किया जाएगा
शिक्षा विभाग ने इस सम्बंध में निर्देश जारी किए है। जिसमें बताया गया है कि
अपने क्षेत्र के सभी निजी शिक्षण संस्थानों को सूचित करें कि वे केवल पीपी-3 और कक्षा-1 में ही आरटीई के तहत प्रवेश सुनिश्चित करें। पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में पुनर्भरण की अनुमति नहीं है, इसे स्पष्ट रूप से समझाया जाए।
जिला अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि यदि कोई निजी स्कूल आरटीई प्रवेश देने से इनकार करता है या इसके बदले फीस मांगता है, तो राजस्थान गैर-सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई हो।
यह निर्देश पूर्व प्राथमिक शिक्षा में आरटीई लाभको सीमित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। राज्य के निजी स्कूलों में केवल पीपी-3 और कक्षा-1 के लिए ही आरटीई सीटें स्वीकृत की जाएंगी।
























